सूरत: अमी अपहरण-हत्या कांड; 11 साल जेल में रहने के बाद दो ननंदें निर्दोष छुटी

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : Pixabay.com)

संपत्ति विवाद में हुई थी अमी की मौत, भाई ने की थी पुलिस में शिकायत

शहर में चर्चास्पद बने अमी शाह के अपहरण और हत्या कांड में हाईकोर्ट ने उनकी दो ननंद बिना और फाल्गुनी शाह को निर्दोष बरी कर दिया है। 2 जज की खंडपीठ ने बताया कि जो सबूत मिले हैं वह संपूर्ण ढंग से कंप्लीट चेन आधारित होने चाहिए, लेकिन यहां पर ऐसा नहीं दिख रहा। इसलिए आरोपियों को निर्देश छोड़ा जाता है।
अमी के भाई ने की थी शिकायत
आपको बता दें कि पारिवारिक संपत्ति के मामले में अमी शाह का अपहरण हुआ था। इसके बाद अमी की लाश कामरेज पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में कठोर अब्रामा रोड पर से मिली थी। इस बारे में अमी के बहन के भाई विनेश कपाड़िया ने महिधरपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने जांच के दौरान अमी शाह की हत्या के मामले में उसकी दोनों ननंद बीना और फाल्गुनी को गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच में स्थानीय सेशन कोर्ट ने दोनों बहनों को हत्या तथा अलग-अलग धाराओं के तहत सजा सुनाई थी। तब से दोनों बहने 11 साल से जेल में थी।
पुलिस ने गवाह के तौर पर ड्राइवर पेश किया था
इस दौरान एडवोकेट गौतम देसाई के मार्गदर्शन में दोनों बहनों ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी। इस मामले में पुलिस ने क्वॉलिस गाडी के ड्राइवर संजय चंदू आहिर को भी पकड़ा था, जो कि बाद में पुलिस की ओर से गवाह बन गया था। इस मामले में हाईवे पर तापी होटल में क्वालिस कार खड़ी करके ड्राइवर खाना खाने गया था तब अपराध को अंजाम दिया गया। लेकिन फरियादी की ओर से संजय के अलावा अन्य कोई महत्वपूर्ण साक्षी नहीं पेश किया जा सका। इसके चलते कोर्ट ने सबूतों की कमी के चलते दोनों ननंदों को बरी किया था। 

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