कोविड की दूसरी लहर से अप्रैल माह में होने वाली शादियों के सारे आयोजन गड़बड़ाए

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

साल भर के अंतराल के बाद मिले मुहूर्तों पर भी पड़ा कोरोना का ग्रहण, इवेंट मेनेजमेंट और मंडप वालों को होगा भारी नुकसान

राज्य के कई महानगरों में कोरोना के कारण परिस्थिति गंभीर हो गई है। राज्य सरकार ने कोरोना की गाइडलाइन और सख्त बना दी है। कोरोना के कारण राज्य सरकार ने शादी तथा सामाजिक आयोजनो में मेहमानों की संख्या घटाने का फरमान जारी कर दिया है। जिसके चलते शादी वाले परिवार में चिंताएं बढ़ गई हैं। किसे बुलाया जाए और किसे नहीं बुलाया जाए? जिसका सीधा असर लग्नसरा के इवेंट आयोजकों और कैटरिंग कारोबारी आदि पर भी होगा। 
एक ओर कोरोना के कारण बीते साल अप्रैल से जून तक आयोजन नहीं हो सके। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि कोरोना कम होने के कारण फिर से शादी ब्याह के आयोजन होंगे और इवेंट आयोजकों को भी व्यापार मिलेगा। नवंबर में सिर्फ दो मुहूर्त थे इसके बाद दिसंबर में तीन मुहूर्त और दिसंबर मे सिर्फ दो मुहूर्त थे। दो महीने के अंतर के पश्चात 24 अप्रैल से फिर से एक बार बड़े पैमाने पर मुहूर्त हैं। अप्रैल महीने में 24,25,26,28,29 और 30 को 6 मुहूर्त हैं। राज्य के 20 शहरों में रात के 8:00 बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया है और साथ ही मेहमानों की संख्या भी कम करने का फैसला किया गया है।
2 महीने से शादी की तैयारी कर रहे और अलग-अलग आर्डर दे चुके चिंतित हो गए हैं कि अब किस तरह से आर्डर कैंसिल कराए जाएं? और जिन लोगों को शादी के लिए बुलाया जा चुका है उन्हें ना कैसे कहा जाए। अप्रैल के बाद मई महीने में 11 जून मैं 10 जुलाई महीने और मई में चार मुहूर्त है। पिछले साल की तरह फिर से कोरोना ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इतना ही नहीं जिन लोगों ने दिवाली के बाद शादियां रखी है वह भी परेशान हो गए हैं। इवेंट मैनेजमेंट कैटरिंग और मंडप डेकोरेशन व्यापार को पड़ेगा। क्योंकि कोरोना के कारण अनेकों ऑडर भी रद्द हो जाएंगे।

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