आरटीओ : अगर नई गाडी में रखना चाहते है अपना पुराना नंबर तो करना होगा इस नियम का पालन

पुराने नंबर को बचाए रखने के लिए ९० दिनों के भीतर गाड़ी खरीदना और पंजीकरण के लिए आवेदन करना अनिवार्य, इस समय सीमा के बाद लगेगा भारी शुल्क

राज्य के वाहन लेनदेन विभाग ने पुराने वाहन के नंबर को नए वाहन में स्थानांतरित करने के संबंध में पहले घोषित मसौदा नियमों की घोषणा कर नागरिकों से इससे जुड़ी आपत्तियों और समस्याओं के बारे में उनकी राय मांगी है। जिसके आधार पर नियमों को अंतिम रूप देकर 4 जुलाई के बाद उन्हें लागू किया जाएगा।
मसौदा नियमों की अधिसूचना के अनुसार वाहन मालिक के लिए पुराने नंबर को बरकरार रखने के लिए 90 दिनों के भीतर नया वाहन खरीदने और  पंजीकरण प्रक्रिया के लिए आवेदन करना अनिवार्य रहेगा। यदि 90 दिनों के भीतर नया वाहन नहीं खरीदा जाता है, तो पुराने वाहन के लिए अधिक शुल्क के लिए नीलामी में प्राप्त संख्या का स्वामित्व स्वतः रद्द हो जाएगा।
वाहन लेनदेन विभाग के उप सचिव आर विभट्ट द्वारा हस्ताक्षरित मसौदा नियम अधिसूचना के अनुसार, पुराने वाहन की संख्या 90 दिनों के भीतर समान रहेगी। लेकिन, वही नंबर नई गाड़ी में लेने के लिए सरकार को 80,000 रुपये तक की फीस देनी पड़ती है! गोल्डन कैटेगरी में दो या तीन पहियों को छोड़कर नए वाहनों में पुराने वाहन के नंबर का इस्तेमाल करने पर 30 दिन के लिए 40,000 रुपये, 30-60 दिनों के लिए 60,000 रुपये और 60-90 दिनों के लिए 80,000 रुपये चार्ज करने का प्रस्ताव है। गोल्डन में ऐसी 3 संख्याएँ होती हैं। इसी तरह सिल्वर कैटेगरी में 15000 से 30000 और अन्य कैटेगरी में 8000 से 16000 तक फीस का सुझाव दिया जाता है। चार पहिया वाहन जैसे दुपहिया या तिपहिया वाहन में नए वाहन के पंजीकरण में पुराने नंबर का उपयोग करने पर मोटी फीस वसूलने का प्रस्ताव है।
इन शुल्क दरों सहित अधिसूचना के प्रारूप नियमों के संबंध में उच्च नीलामी में संख्या प्राप्त करने वाले हितधारक, नागरिक, वाहन मालिक 4 जुलाई से पहले राज्य वाहन लेनदेन विभाग को आपत्तियां भेज सकते हैं, जिसके आधार पर शुल्क दरों के साथ-साथ नियम भी परिवर्तित होंगे।

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