रिसर्च में दावा, नोज़ल स्प्रे कोविड के तमाम वेरिएंट से 8 घंटों तक सुरक्षा देता है!

प्रतिकात्मक तस्वीर

दुनिया भर की दवाई कंपनियां नोजल स्प्रे को लेकर कर कर रही है रिसर्च,फिनलैंड में हेलसिंकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने तैयार की ऐसी वैक्सीन

एक बार फिर दुनिया कोरोना संक्रमण के संकट से जूझ रहा है। दुनिया के हर देशों में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। इस बीच एक अच्छी खबर सामने आ रही है। फिनलैंड में हेलसिंकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कोरोना को रोकने वाले नोजल स्प्रे या नाक में डालने वाला स्प्रे तैयार कर लिया है। विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार इसकी एक छोटी सी खुराक कोशिकाओं को ओमाइक्रोन सहित सभी प्रकार के कोरोनावायरस से संक्रमित होने से रोकती है। यह तकनीक सस्ती और अत्यधिक आसानी से बनाने योग्य है, और सभी प्रकारों के खिलाफ वेरिएंट पर समान रूप से प्रभावशाली है।
आपको बता दें कि शोध में यह भी पाया कि जिन चूहों को इलाज दिया गया था, उनके ऊपरी श्वसन पथ और फेफड़ों में COVID-19 के बीटा संस्करण के संपर्क में आने के बाद परेशानी होने की संभावना बहुत कम थी। परिक्षण से ये पता चला है कि यह चूहों के साथ प्रयोगशाला अध्ययनों में वायरस से संक्रमण को रोक सकता है लेकिन नाक स्प्रे का अभी तक मनुष्यों पर परीक्षण नहीं किया गया है, प्रयोगशाला अध्ययनों की अभी तक समीक्षा नहीं की गई है और अधिक शोध की आवश्यकता है। अध्ययन के अनुसार, इम्युनोकॉम्प्रोमाइज्ड और अन्य उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए विकसित किया गया स्प्रे, सिंथेटिक प्रोटीन जैसे एंटीबॉडी से बना है जो कोरोनावायरस के स्पाइक प्रोटीन को पहचानता है और बांधता है और अस्थायी रूप से इसे अपने ट्रैक में रोक देता है।
आपको बता दें कि दुनिया भर में कोरोना के लिए नाक से डालने वाली दवाओं के लेकर काफी रिसर्च चल रही है। कई दवा कंपनियां इसके लिए ट्रायल फ्रेज में भी हैं। हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि ये अन्य टीकों या अन्य दवाओं के बदले नहीं लगाया जा सकता बल्कि अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए टीकाकरण के पूरक के रूप में इसका उपयोग हो सकता है।

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