राम मंदिर : सीधे गर्भगृह में पहुँचे सूर्य की रोशनी ऐसी की जा रही है व्यवस्था

मंदिर के गर्भगृह का निर्माण 2023 तक पूरा हो जाएगा

राम जन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जोरो से हो रहा है। ऐसी आशा लगाई जा रही है कि मंदिर के गर्भगृह का निर्माण 2023 तक पूरा हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि मंदिर के गर्भगृह का डिजाइन उड़ीसा के प्रसिद्ध कोणार्क मंदिर के समान माना जा रहा है, जिससे सूर्य की किरणें गर्भ में सीधे आकर रामलला और पूरे गर्भगृह को रोशन करेंगी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा कि भगवान के मंदिर के गर्भगृह को प्रत्येक रामनवमी पर सूर्य की किरणों को रोशन करने के लिए गर्भगृह को डिजाइन करने का प्रयास किया जा रहा है जिसके लिए वैज्ञानिकों, खगोलविदों और अन्य प्रौद्योगिकीविदों के साथ चर्चा चल रही है।
उन्होंने कहा कि कोणार्क का सूर्य मंदिर इस तकनीक का एक उदाहरण है जिसमें मंदिर के अंदर सूर्य की किरणें पहुंचती हैं। मंदिर के निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विचार करने के लिए आईआईटी के प्रोफेसरों को भी समिति में शामिल किया गया है। पहले गृह बनकर तैयार हो जाएगा और लोग इसे देख सकेंगे।उसके बाद मंदिर के दूसरे हिस्से का काम जारी रहेगा।

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