संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता की बागडोर आज से भारत के हाथ, पाक-चीन में बढ़ा तनाव

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को निष्पक्ष कार्रवाई और सही फैसले की उम्मीद

आज यानी 1 अगस्त को भारत ने दुनिया की सबसे ताकतवर संस्था संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता की बागडोर संभाल ली है। भारत का कार्यकाल एक महीने का होने जा रहा है। इसलिए भारत को सुरक्षा परिषद का जनादेश मिलने के साथ, पाकिस्तान और चीन को अपनी-अपनी पोल खुलने का डर सता रहा हैं। दोनों देशों को लगता है कि भारत को दुनिया के दूसरे देशों के सामने उनकी छवि खराब नहीं करनी चाहिए।
इन सबके बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को उम्मीद जताई कि भारत अपने कार्यकाल के दौरान निष्पक्ष कार्रवाई करेगा और सही फैसला करेगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि भारत उनके कार्यकाल के दौरान प्रासंगिक नियमों और मानदंडों का पालन करेगा।" इसके अलावा पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया। पाकिस्तान ने कहा कि भारत के अध्यक्ष बनने का मतलब यह भी है कि पाकिस्तान इस मंच पर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा नहीं उठा पाएगा। भारत का पहला कार्य दिवस सोमवार, 2 अगस्त को होगा। इस दौरान यह समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद विरोधी तीन मुख्य क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा।
आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत टी.एस. तिरुमूर्ति ने कहा कि उनकी अध्यक्षता के दौरान, भारत तीन व्यापक क्षेत्रों में तीन प्रमुख उच्च स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करेगा। समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद का मुकाबला। तिरुमूर्ति ने कहा, "समुद्री सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा परिषद के लिए इस मुद्दे पर समग्र दृष्टिकोण अपनाना महत्वपूर्ण है।" एक और शांति स्थापना कार्यक्रम में अपनी लंबी और अग्रणी भागीदारी को देखना हमारे दिल के करीब है। उन्होंने कहा कि भारत शांति सैनिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करेगा। तीसरा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे एक देश के रूप में, भारत आतंकवाद पर अंकुश लगाने के प्रयासों पर जोर देना जारी रखेगा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएनएससी की बैठक की अध्यक्षता करने का फैसला करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। यूएनएससी में यह हमारा आठवां कार्यकाल है।" उन्होंने कहा, "75 से अधिक वर्षों में, यह पहली बार है जब हमारे राजनीतिक नेतृत्व ने यूएनएससी कार्यक्रम की अध्यक्षता करने में रुचि दिखाई है। यह दर्शाता है कि हमारे नेता नेतृत्व करना चाहते हैं। यह यह भी दर्शाता है कि विदेश नीति की पहल में भारत और उसका राजनीतिक नेतृत्व कितना मजबूत रहा है।" वहीं विदेश मंत्री डॉ जयशंकर ने कहा, "हम 1 अगस्त से यूएनएससी की अध्यक्षता संभालने जा रहे हैं। इस बीच, भारत अन्य सदस्यों के साथ काम करने के लिए उत्सुक है। भारत हमेशा से संयम की आवाज, वार्ता का हिमायती और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थक रहा है।"

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