मास्क नहीं पहनने के सिवाय अन्य ट्रैफिक अपराधो में पुलिस नहीं लेगी दंड

प्रतिकात्मक तस्वीर

कोरोना की गंभीर परिस्थिति में राज्य सरकार का सराहनीय फैसला

गुजरात में कोरोना के कारण लोग पहले से ही परेशान है। ऐसे में पुलिस के ट्रैफिक के कड़े नियमों के कारण पेनल्टी भी वसूले जाने से लोगों की परेशानी और डबल हो गई थी। राज्य सरकार ने अब से कुछ दिनों तक मोटर चालकों को मास्क के सिवाय अन्य दंड नहीं दिए जाने का फैसला किया है। गुजरात राज्य के वाहन विभाग के राज्यप्रधान योगेश पटेल ने बताया कि हेलमेट नहीं पहनने तथा लाइसेंस से संबंधित और ओवर स्पीड सहित के 45 आरोपों में दंड नहीं देने की सूचना दी गई है। 
यदि किसी गाड़ी में चार पैसेंजर हो तो कोरोना की गाइडलाइन का भंग करने के बदले में 5000 से लेकर 10000 तक का दंड लिया जाता है। कई मामलों में तो पुलिस 1000 लेकर भी छोड़ देती है। कुछ गंभीर मामलों में वाहन जप्त कर लिए जाते हैं। इन वाहनों को छुड़ाने के लिए जब वाहन चालक जाते हैं तो लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। फोर व्हीलर के अलावा टू व्हीलर और थ्री व्हीलर से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए मास्क के सिवाय अपराध में परेशान नहीं करने की सूचना दी गई है।
टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर वाहन चालको को मेमो के माध्यम से 3000 से लेकर 4000 तक का दंड किया जाता है।  जबकि फोर व्हीलर्स के मालिकों को 8000 से 10000 का दंड दिया जाता है और गंभीर अपराध हो तो वाहन भी जब्त तक किया जाता है। जो कि 7 दिन तक नहीं छोड़े जाते। ऐसे कई मामलों में वाहन नहीं होने से वाहन चालकों को यदि किसी कोरोना मरीज को अस्पताल ले जाना हो तो दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने वाहन व्यवहार मंत्री आरसी फलदू और गृह राज्य मंत्री प्रदीप जाडेजा को यह निर्देश दिया था।

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