पावागढ़ : इस काम के बाद महज 40 सेकंड में माता के दर्शन कर पाएंगे श्रद्धालु, पर्वत के अंदर खुदाई कर बनाई जा रही है लिफ्ट

(File Photo : Wikipedia.org)

राज्य सरकार की मंजूरी के बाद यात्राधाम विकास बोर्ड ने इस 210 फीट ऊंची लिफ्ट के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है

पंचमहाल जिले में स्थित हिन्दुओं की आस्था का प्रतिक शक्तिपीठ पावागढ़ का अपना महत्त्व है. हर साल लाखो श्रद्धालु माता कालिका के दर्शन के लिए जाते है. अब श्रद्धालुओं का सफर और माता का दर्शन करना बहुत ही आसान होने जा रहा है। जल्द ही श्रद्धालु महज 40 सेकंड में लिफ्ट के जरिए माता के मंदिर तक पहुंच सकेंगे। एक बार में लिफ्ट में अधिकतम 12 लोग बैठ सकते हैं।
आपको बता दें कि राज्य सरकार की मंजूरी के बाद यात्राधाम विकास बोर्ड ने इस 210 फीट ऊंची लिफ्ट के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पावागढ़ गब्बर के समीप पर्वत को 210 फीट खोद कर लिफ्ट का निर्माण किया जाएगा। पर्वत के अंदर खुदाई के लिए टेंडर सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही पावागढ में हेलिपैड और वॉक वे की सुविधा का भी विकास कार्य शुरू किया गया है। सरकार ने इसके लिए 180 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू किया है। फेज 2 का काम पूरा हो चुके इस प्रोजेक्ट में फेज ३ का काम जोरोशोरों से चल रहा है। फेज 3 के लिए सरकार ने 130 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। 
वर्तमान में पावागढ़ में मांची से पहली 350 सीढि़यों तक रोपवे की सुविधा है, जिससे तीर्थयात्री दुधिया झील तक पहुंचने के लिए महज 7.5 मिनट में 350 सीढि़यां तक की दूरी तय कर सकते हैं। तीर्थयात्रियों को तब मंदिर तक पहुंचने के लिए और 350 सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं, लेकिन पावागढ़ विकास चरण -3 शुरू कर दिया गया है, जिससे शेष 350 सीढ़ियां रोपवे के माध्यम से पहुंचा जायेंगा। इसके लिए मटेरियल रोपवे शुरू कर प्रारंभिक कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इस ऑपरेशन के पूरा होने के बाद सिर्फ 15 मिनट में नीचे से ऊपर तक 700 सीढि़यों की कुल दूरी तय की जा सकती है। इस प्रकार, यात्राधाम विकास बोर्ड तीर्थयात्रियों के लिए मांची से सिर्फ 15 मिनट में मंदिर परिसर तक पहुंचना संभव बनाने की योजना बना रहा है।
पावागढ़ विकास परियोजना वर्ष 2017 से शुरू की गई है, जिसमें प्रथम चरण में पथ-मार्ग, शौचालय ब्लॉक, पुलिस बूथ, वाटर हट, बैठने के मंडप आदि का चौड़ीकरण किया गया। पथ-मार्ग के चौड़ीकरण की कुल लंबाई 3.01 किमी है, जिसमें कुल 2374 सीढ़ियों का निर्माण किया गया है। फेज-2 में मंदिर परिसर के विस्तार का कार्य किया गया, जिसमें मौजूदा मंदिर परिसर में 545 चोमी हैं, जिन्हें विस्तार के बाद तीन खंडों में विभाजित किया गया है।

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