पाटण : उत्तरायण के पर्व के बीच पुलिस रखेगी लोगों पर ‘बाज’ नजर

दिशानिर्देशों के किसी भी तरह के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्यवाही

आज देशभर में उत्तरायण का पर्व मनाया जा रहा है। गुजरात में इस पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिलता है। आज और कल गुजरात में उत्तरायण और बासी उत्तरायण मनाया जाता है। इन दिनों छतों, मैदानों और ऐसी जगहों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिलते है। हालांकि कोरोना के चलते दो साल से इस पर्व का उत्साह धीमा पड़ गया है। इस साल ही कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही सरकार ने लोगों को इकठ्ठा होने और डीजे न बजाने की बात कही है। हालांकि सरकार को आशंका है कि त्यौहार में लोगों की भीड़ इकठ्ठा हो सकती है ऐसे में पाटण में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रदीप सिंह राठौर ने भीड़भाड़ के कारण कोरोना वायरस के संचरण की संभावना को देखते हुए विभिन्न कृत्यों पर रोक लगाने की अधिसूचना जारी की है। दंड प्रक्रिया अधिनियम 1973 की धारा 144 के तहत अपर जिलाधिकारी प्रदीपसिंह राठौर ने 11 से 17 जनवरी तक पाटन जिले के पूरे क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रम पर रोक लगा दी है, जिसके अनुसार कोई भी सार्वजनिक स्थान, खुला मैदान, सड़क आदि नहीं हो सकता है।
आपको बता दें कि मौजूदा महामारी की स्थिति में परिवार के करीबी सदस्यों के साथ उत्तरायण मनाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही पतंग उड़ाने के किसी को भी बिना मास्क के किसी घर या मैदान या सोसायटी के मैदान या छत पर इकट्ठा नहीं होने दिया जाएगा। सोसाइटी में किसी भी तरह की भीड़ इकठ्ठा होने पर या किसी भी नोटिस के उल्लंघन के लिए सोसायटी के सचिव उत्तरदायी होंगे और उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ साथ इमारतों या फ्लैटों की छतों पर या मैदान पर बड़ी संख्या में लोगों का इकट्ठा होने के साथ लाउडस्पीकर, डीजे के साथ-साथ म्यूजिक सिस्टम का उपयोग प्रतिबंधित होगा। इसका कारण है कि ऐसे सिस्टम के कारण लोगों की भीड़ बढ़ सकती है और लोगों की भीड़ सामाजिक दूरियों को भंग कर सकती है और कोरोना का प्रसरण बढ़ सकता है।
बता दें कि कोरोना के संक्रमण को कम करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा जारी घोषणाओं और दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इन सभी निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस द्वारा पर्याप्त प्रावधान एवं पेट्रोलिंग की जायेगी। जरूरत पड़ने पर ड्रोन और सीसीटीवी से भी निगरानी रखी जाएगी। यह आदेश 11 से 17 जनवरी तक पाटन जिले के पूरे क्षेत्र में लागू रहेगा।

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