सूरत के सिविल और स्मीमेर में गंभीर रोगियों का ही इलाज , आज से ओपीडी शुरू होगी

सूरत में कोरोना मरीजों की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए स्पेशियल ऑफिसर मिलिन्द तोरवणे

सूरत के सिविल और स्मीमेर अस्पताल के गेट बुधवार को बंद करने की नोबित आई थी, गुरूवार को गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया और अन्य मरीजों को निजि अस्पताल में सरकारी खर्च पर शिफ्ट किया।

कम ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीजों को सरकारी कोटे से निजी अस्पतालों में इलाज किया जाएगा: मिलिंद तोरवने
सूरत शहर में कोरोना संक्रमण बढने पर सरकारी सिविल और मनपा संचालित स्मीमेर अस्पातल के गेट बंद करने की नोबत आने पर मरीजों की हालत बिगडी थी। गुरूवार को 108 में आने वाले सभी मरीजों को राज्य के कंट्रेलरूम के साथ संकलन करके मरीजों को जरूरत के तहत चिकित्सा देने की योजना बनाई होने की जानकारी कोविड स्पेशियल ऑपरेशन ऑफिसर मिलिन्द तोरवणे ने दी। 
सूरत की वर्तमान कोरोना परिस्थिति के बारे में जानकारी देते हुए ‌कोरोना स्पेशियल ऑफिसर ‌मिलिंद तोरवणे ने कहा 108 में जो मरीज सिविल अस्पताल में आ रहे है उनका संकलन करके सिविल अस्पताल में चिकित्सा देने के बजाय जरूरत के अनुसार निजि अस्पताल में सरकार के खर्च पर चिकित्सा दी जा रही है। सूरत में निजि और ट्रस्ट की अस्पतालों के साथ सूरत महानगरपालिका ने टाईप किया है वहा मरीजों को चिकित्सा दी जा रही है। मरीजों को जरूरत के अनुसार 108 द्वारा निजि अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। 
सूरत शहर के सभी अस्पतालों में ऑक्सिजन का ऑडिट किया जा रहा है जिसके आधार पर उस अस्पताल में कितना उपयोग हो रहा है उसकी सही जानकारी मिल पाए। अस्पताल में भर्ती कोरोना के मरीजों के लिए कितने ऑक्सिजन की जरूर है, अस्पताल में कितने बेड खाली है उसकी संपुर्ण जानकारी कंट्रोलरूम द्वारा ली जा रही है। महानगरपालिका के अधिकारीयों ने एक टीम बनाकर निजि अस्पतालों में ऑक्सिजन का ऑडिट किया जा रहा है। सूरत सिविल अस्पताल में 70 मेट्रीक टन के सामने 55 मेट्रीक टन ऑक्सिजन का उपयोग करके ऑक्सिजन बचाया गया। सभी अस्पतालों के स्टाफ को स्पष्ट सूचना दी गई है की ऑक्सिजन का जरा सा भी नुकसान न करे। 
कोरोना से संक्रमित एक भी मरीज को चिकित्सा के बिना छोडा नही जा रहा। सभी को चिकित्सा मिले इस प्रकार की व्यवस्था कि जा रही है। सूरत शहर मे अभी तक 12 से 13 हजार बेड उपलब्ध है। सूरत सिविल में 350 और स्मीमेर अस्पताल में 150 वेन्टिलेटर है। 108 में आनेवाले मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद जरूरत के अनुसार अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। बहुत ही गंभीर स्थिति में हो ऐसे मरीजों को सिविल अस्पताल में चिकित्सा के लिए भर्ती करने की शुरूआत हो गई है। अन्य मरीजों को सरकार के खर्च पर निजि अस्पतालों में 108 द्वारा ट्रान्सफर किया जा रहा है। 
सूरत सिविल अस्पताल में गुरूवार को कुल 970 मरीज भर्ती थे जिनमें से 690 पोजिटिव, 140 संदिग्ध तथा 140 निगेटीव मरीज थे। जिनमें से 294 बायपेप,24 आईसीयु, 257 ऑक्सिजन, 105 नोर्मल रूम एयर पर थे। जिसमे से 19 मरीज डिस्चार्ज , 13 समरस कोविड केर सेन्टर में ट्रान्सफर,24 कोम्युनिटि आईसोलेशन सेन्टर में ट्रान्सपर और 12 मरीजों को निजि अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। कोरोना मरीज डिस्चार्ज होने के बाद उनके स्थान पर नए गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया। तीन दिनों से सिविल अस्पताल में बंद ओपीडी शुक्रवार से शुरू होगी। 
स्मीमेर अस्पताल में गुरूवार को 414 मरीज चिक्तिसा ले रहे है जिन में से 312 कोरोना पोजिटिव है। 14 मरीज संदिग्ध है और 88 मरीज नेगेटीव है। 312 पोजिटिव मरीजों में से 26 वेन्टिलेटर पर,120 बायपेप, 156 ऑक्सिजन पर और अन्य 10 नोर्मल एयर पर चिकित्सा ले रहे है। पिछले 24 घंटे में 19 मरीज डिस्चार्ज ,3 मरीज समरस कोविड केर सेन्टर में ट्रान्सफर, 17 मरीज निजि अस्पताल में शिफ्ट किए गए। 

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