गुजरात में ओमिक्रोन वायरस की एंट्री, जामनगर में पहला मामला दर्ज

(Photo Credit : sandesh.com)

28 नवंबर को जिम्बाब्वे से आये व्यक्ति की ट्रेवल हिस्ट्री में साउथ अफ्रीका शामिल, जाँच में कोरोना संक्रमित पाए जाने पर ओमिक्रोन जाँच के लिए सैंपल पुणे भेजने पर संक्रमण की पुष्ठी

ओमिक्रोन वायरस गुजरात में प्रवेश कर चुका है। जामनगर में ओमिक्रोन वायरस का पहला मामला सामने आया है। जिम्बाब्वे से लौट रहे एक नागरिक में ओमिक्रोन वायरस पाया गया है। मरीज की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुणे भेजी गई। इस मामले के सामने आने के साथ ही गुजरात में कोरोना के नए स्वरुप को लेकर डर का माहौल बना हुआ है। इसके साथ ही गुजरात में प्रशासन अलर्ट हो चुकी है। जामनगर का मरीज हाई रिस्क कंट्री से गुजरात आया था। राजकोट के दो मरीजों की रिपोर्ट भी अभी पेंडिंग है। इसे देखते हुए गुजरात में ओमिक्रोन के मामलों की संख्या बढ़ाने की आशंका बढ़ गई है।
आपको बता दें कि गुजरात में ओमिक्रोन की दस्तक से स्वास्थ्य प्रशासन सतर्क हो गई है। गुजरात में पहला पॉजिटिव केस आने के साथ ही सरकार हरकत में आ गई है। ओमिक्रोन के मद्देनजर गांधीनगर में आलाकमान की बैठक शुरू हो गई है। गांधीनगर में तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य विभाग की बैठक हुई है। अब इस चर्चा के बाद मुख्यमंत्री आवास में बैठक होगी। बैठक में गुजरात में टेस्टिंग और ट्रेसिंग सहित मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही इस वायरस के प्रभाव को रोकने के लिए गुजरात में क्या कदम उठाए जा सकते हैं और कौन से आवश्यक प्रतिबंध लगाना चाहिए इन पर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। फिलहाल जामनगर के संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन करने का काम शुरू कर दिया गया है। जामनगर का यह शख्स जिम्बाब्वे से लौटा था। जैसे ही पता चला कि मोरकाडा गांव के व्यक्ति की ट्रैवल हिस्ट्री में दक्षिण अफ्रीका भी है तभी उसके परीक्षण के लिए एक सैंपल पुणे की एक प्रयोगशाला में भेजा गया था। रिपोर्ट मिलने तक अफ्रीका के शख्स को आइसोलेशन में रखा गया था। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग के अनुसार व्यक्ति में ओमिक्रोन पाया गया है। दरअसल 28 नवंबर को ये व्यक्ति जिम्बाब्वे से आया था। उन्होंने प्राथमिक सर्दी-खांसी के लक्षण दिखाए। जिसके बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसलिए उन्हें जामनगर के एक सरकारी अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया था। उसके संपर्क में आए सभी 40 लोगों का परीक्षण किया गया, जिनमें से सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।
इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने कहा कि पहले मामले को लेकर हवाईअड्डे पर अभी भी हाई रिस्क वाले देशों के लोगों की टेस्टिंग जारी है। जामनगर से शख्स जैसे ही एयरपोर्ट पहुंचा, उसका सैंपल पुणे की लैब में भेज दिया गया। फिलहाल हमें एग्रेसिव टेस्टिंग करने का निर्देश दिया गया है। लोगों से अपील है कि वे कोरोना से बचाव के उपाय करें। मास्क पहने, सेनेटाइजर का प्रयोग करें। कोई भी लापरवाही नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करें। गुजरात में इस समय टेस्टिंग बढ़ गई है। जामनगर में भी पहले से ही सतर्कता के निर्देश दिए गए थे। जोखिम वाले देशों की 58 उड़ानों में अब तक लगभग 16,000 यात्रियों का आरटी-पीसीआर परीक्षण हो चुका है। इनमें से 18 ने कोरोना संक्रमित पाए गये है। इन संक्रमणों की रिपोर्ट जीनोम परिक्षण के लिए भेजी गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा में इस बात की जानकारी दी है। साथ ही राजस्थान में 7 दिन पहले दक्षिण अफ्रीका से जयपुर लौटे एक ही परिवार के 4 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें उनकी पत्नी और दो बेटियां शामिल हैं। सभी को ओमिक्रॉन संदिग्ध मानकर क्वारंटाइन किया गया है। उनके नमूने जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजे गए हैं। चिंता की बात यह है कि 25 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से लौटे परिवार ने जयपुर में अपने 12 रिश्तेदारों से मुलाकात की, जिनमें से पांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनमें से एक 16 साल का लड़का है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से मुंबई लौट रहे 9 विदेशी नागरिकों सहित 10 लोगों ने कोरोना के लिए सकारात्मक परीक्षण किया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में ओमिक्रोन के संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। ये सभी 10 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे।

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