अब जीपीएस से वसूला जाएगा टोल टैक्स, सभी टोल प्लाजा होंगे दूर

(Photo : IANS)

साल 2024 तक टोलटैक्स से होने वाली कमाई को 30 हजार करोड़ से बढ़ाकर 1 लाख करोड़ तक ले जाने का प्रयास

आने वाले समय में जीपीएस यानि की ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर टोल टैक्स वसूला जाएगा। इस नई सिस्टम को डेवलप करने के लिए नेशनल हाईवे ओथोरीटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा टेक्निकल सलाह के टेंडर भी मँगवाए गए है। केन्द्रीय मार्ग और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मार्च में ही बयान दिया था की एक साल के अंदर मौजूदा टोल कलेक्शन सिस्टम पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा और सभी टोल प्लाजा दूर कर दिये जाएँगे। 
वर्तमान टोल कलेक्शन सिस्टम को दूर कर जीपीएस सिस्टम द्वारा टोल टैक्स वसूला जाएगा। जिसके अंतर्गत जीतने किलोमीटर के लिए वाहन हाईवे का इस्तेमाल करेंगा मात्र उतना ही टोल टैक्स उसे भरना पड़ेगा। इसका मतलब यदि कोई ड्राईवर किसी पॉइंट से हाईवे पर जाने के बाद यदि 40 किलोमीटर हाईवे का इस्तेमाल कर वहाँ से अपना रास्ता बदल लेता है तो उसे मात्र 40 किलोमीटर का टोल टैक्स ही देना पड़ेगा। फिलहाल भारत में हर 60 किलोमीटर पर टोल प्लाजा है, ऐसे में वाहनचालकों को कम से कम 60 किलोमीटर का टोलटैक्स तो देना ही पड़ता था। 
इस सिस्टम का अमल करने के लिए नए वाहनों में कंपनी की तरफ से ही जीपीएस दिया जा रहा है। इसके अलावा पुराने वाहनों में सरकार की तरफ से ही फ्री में जीपीएस लगाए जाएँगे। केंदीय मंत्री ने आगे कहा की नई सिस्टम में टोलटैक्स की वसूल फास्टटैग द्वारा ही होगी। फिलहाल देश में 93% टोलटैक्स फास्टटैग द्वारा ही लिया जाता है। एक अंदाज के अनुसार, सरकार को टोलटैक्स से सालाना 30 हजार करोड़ रुपए मिलते है, जिसे साल 2024 तक बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का प्रयास है। 

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