अब हर कोई कर सकेगा चार धाम की यात्रा, हाईकोर्ट द्वारा यात्रियों की संख्या की लिमिट हटाई गई

केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1,000, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गई थी

उत्तराखंड में होने वाली चार धाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हर दिन सीमित संख्या में तीर्थयात्रियों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति देने के उच्च न्यायालय के फैसले को उलटने के बाद अदालत ने अब केदारनाथ और बद्रीनाथ तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि करते हुए कहा है कि अब कोई भी भक्त तीर्थ यात्रा पर जा सकता है। कोर्ट ने द्वारा चार धाम यात्रियों की संख्या को अंलिमिटेड करने का आदेश दिया गया है।
दरअसल, पिछले तीन हफ्तों में हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा को सशर्त मंजूरी देते हुए एक दिन में केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1,000, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी थी। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम पहुंचे। हालात यह हो गए कि जिला प्रशासन ने कई श्रद्धालुओं को अंदर जाने से रोक दिया और भक्त दर्शन नहीं कर पाये। इस मुद्दे को हल करने के लिए, राज्य सरकार ने पिछले गुरुवार को उच्च न्यायालय में एक हलफनामा दायर कर यात्रियों की संख्या में वृद्धि की मांग की थी। 
हालांकि अदालत ने उत्तराखंड सरकार को सभी यात्रियों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इसके अलावा चार धाम में चिकित्सा आपात स्थिति के लिए हेलीकॉप्टर तैयार रखने के लिए भी निर्देश दिये थे। गौरतलब है कि उत्तराखंड में हर साल होने वाली चारधाम यात्रा में देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। राज्य सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले ली हैं और उनके सर्टिफिकेट के साथ हैं, उन्हें जांच के दौरान कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, पिछले सोमवार को राज्य सरकार ने गाइडलाइन में थोड़ा बदलाव करते हुए कहा कि केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से आने वाले यात्रियों को पूर्ण टीकाकरण के प्रमाण पत्र के साथ 72 घंटे पहले एक नकारात्मक रिपोर्ट दिखानी होगी।

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