डीजीएचएस द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन, पाँच साल से छोटे बच्चों के लिए मास्क पहनना नहीं है अनिवार्य

(Photo : EMS)

बच्चों के कोरोना संक्रमित होने पर स्टेरोइड और रेमड़ेसिविर से बचने की दी गई सलाह

देश भर में कोरोना की दूसरी लहर ने काफी तबाही मचाई थी। दूसरी लहर के दौरान अचानक से संक्रमण के कारण अस्पतालों में बेड और ऑक्सीज़न की कमी भी सामने आने लगी है। हालांकि अब कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप अब कम हो गया है। पर फिर भी देश खुद को तीसरी लहर के लिए तैयार कर रहा है। 
तीसरी लहर के बारे में अधिकतर विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होगा। इसलिए केंद्र सरकार ने पहले से ही सभी राज्य सरकारों को जरूरी तैयारियां कर लेने का आदेश जारी कर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा यदि तीसरी लहर के दौरान बच्चे संक्रमित होते है तो उनके इलाज को लेकर गाइडलाइन भी जारी की गई है। जिसमें सरकार ने बताया है कि पांच साल से कम उम्रे के बच्चों के लिए मास्क पहनना जरूरी नहीं है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने कहा कि 6 से 11 साल के बच्चे मास्क पहन सकते हैं, लेकिन सिर्फ माता-पिता की देखरेख और डॉक्टर के परामर्श के बाद। इसके अलावा डीजीएचएस ने कहा मास्क पहनना व्यस्कों के लिए भले ही अनिवार्य हो लेकिन पांच से कम उम्र के बच्चों के लिए यह जरूरी नहीं है। डीजीएचएस से जारी दिशानिर्देशों में कहा गया कि कोरोना के इलाज के दौरान बच्चों को स्टेरॉयड देने से दूरी बनाए रखनी है। गाइडलाइन में रेमडेसिविर के इस्तेमाल से भी बचने की सलाह दी गई है।
(Disclaimer: यह खबर सीधे समाचार एजेंसी की सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है। इसे लोकतेज टीम ने संपादित नहीं किया है।)

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