नई दिल्ली : यूट्यूब से सीखकर नकली नोट छाप रहे थे, पुलिस ने नकली ग्राहक बन किया गिरोह का भांडाफोड़

(Photo Credit : gujaratsamacharcom)

गाजियाबाद में कैलाशभट्टा में 8 महीने से सक्रीय था गिरोह, पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर 6 लाख 59 हजार जाली नोट जब्त किए

नई दिल्ली के गाजियाबाद में कैलाशभट्टा में शुक्रवार को अपराध शाखा ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। इस गिरोह ने आठ महीने में करीब 17 लाख रुपये के नकली नोट छापे थे। इस गिरोह के सदस्यों ने करीब 11 लाख रुपये के नकली नोट बाजार में बांटे हैं।
जानकारी के अनुसार ये गिरोह कैलाभट्ट के एक घर में जाली नोट बन रहे थे। पुलिस ने छापेमारी कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया है और 6 लाख 59 हजार जाली नोट जब्त किए हैं। पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य यूट्यूब से सीखकर नकली नोट बना रहे थे। सीओ सदर आकाश पटेल के मुताबिक, ये गिरोह कैलाशभट्टा में 8 महीने से सक्रिय था। सूचना के आधार पर पुलिस टीम के एक सदस्य ने वहां जाकर नकली नोट का सौदा किया और इस तरह गिरोह का भांडा फोड़ हुआ। चमन कॉलोनी निवासी आजाद गिरोह का सरगना था और कैलभट्ट निवासी यूनुस के घर पर नोट छापने का काम चल रहा था। गिरोह से आजाद, सोनू और यूनुस वहां नोट छापकर उसे फिनिशिंग दे रहे थे। अमन और आलम उर्फ आशीष बाजार में घूमते हुए आपूर्तिकर्ता को नकली नोटों की आपूर्ति कर रहे थे। पुलिस ने जाली नोटों के अलावा प्रिंटर, फार्मा, कागज के बंडल सहित अन्य सामग्री भी जब्त कर ली है। इसके साथ साथ उन दुकानदारों के बारे में जानकारी रखी गई है जो इस गिरोह से नोट ले रहे थे।
पुलिस के मुताबिक आजाद एक असली नोट के बदले 3 नकली नोट दे रहा था। अमन और आलम अपनी आपूर्ति के लिए 20 प्रतिशत कमीशन ले रहे थे। आजाद के मुताबिक, कुछ महीने पहले एक पेट्रोल पंप पर एक शख्स ने उनके पास से कुछ नोट दिए थे, जिनमें से कुछ नकली थे। एक पेट्रोल पंप पर नकली नोट मिलने के बाद आजाद को नकली नोट छापने का विचार आया। बाद में उन्होंने एक दोस्त के साथ यूट्यूब से सीखकर यह काम शुरू किया।

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