विश्व भर में कोरोना से हुये 15 लाख से भी अधिक बालक अनाथ

प्रतिकात्मक तस्वीर

भारत में 8.5 गुना बढ़ी अनाथालयों की संख्या

कोरोना के कारण दुनिया भर में काफी नुकसान हुआ है। अब तक लाखों लोगों को अपने कहर का शिकार बनाने वाली इस महामारी का सबसे बड़ा शिकार तो वो बालक बने है, जो संक्रमित तो नहीं हुये अपर निराधार हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स से सामने आई जानकारी के अनुसार विश्व भर में कोरोना के कारण अब तक 15 लाख से अधिक बालकों ने अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक को खोया है। इन 15 लाख बालकों में से 1.90 लाख बालक भारत के ही है। 
रिपोर्ट के अनुसार, महामारी शुरू होने के बाद के 14 महीनों में 10 लाख से अधिक बालकों ने अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक को गंवाया है। जबकि 50 हजार से अधिक लोगों ने अपने दादा या दादी को खोया है। विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च 2021 और अप्रैल 2021 के बीच भारत के अनाथालयों में बालकों की संख्या 8.5 गुना बढ़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बालकों ने ईस समय में अपने माता-पिता या किसी एक को गंवाया है। उनमें आगे बढ़कर स्वास्थ्य की प्रतिकूल असरे देखने मिल सकती है। ऐसे बालकों ने अपने माता-पिता की मौत, गरीबी जैसी चीजे काफी छोटी उम्र मे देखी है। जिससे की उनके स्वभाव और मानसिक परिस्थिति पर असर पड सकती है।
यूएस सेंटर फॉर डिसिज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन कोविड 19 रिस्पोंस टीम के सदस्य ने कहा कि इस संशोधन से सामने आया कि 30 अप्रैल 2021 तक कोरोना से दुनिया भर में 30 लाख लोगों की मृत्यु हुई है, जिसके कारण 15 लाख बालक अनाथ हो गए है। बता दे की भारत में अनाथ हुये बालकों के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने पहले ही अनेक प्रकार की घोषणा की है। जिसके तहत इस तरह के सभी बालकों के पालन-पोषण के लिए हर महीने एक निश्चित राशि देने का निरण्य किया गया है और निशुल्क शिक्षा देने की भी घोषणा की है। 

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