अहमदाबाद : भगवान जगन्नाथ यात्रा के संबंध में निर्णय समय आने पर, जल यात्रा कोविड गाइडलाइन के अनुसार

अहमदाबाद में रथ यात्रा की फाइल तस्वीर

आगामी 12 जुलाई आषाढ़ी दूज के दिन उड़िसा के पूरी और अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथयात्रा का पारंपरिक रूप से आयोजन वर्षों से किया जाता रहा है। हालांकि पिछले साज से कोरोना महामारी के कारण रथयात्रा के आयोजन में बाधा आई है। पिछले साल बहुत ही सीमित रूप से औपरचारिक वश रथयात्रा का आयोजन हुआ। 
अब इस बार 12 जुलाई को रथयात्रा का आयोजन अहमदबाद में होगा या नहीं इसको लेकर चर्चाओं का दौर शुरु हो गया है। बता दें कि राज्य सरकार ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के थमने के बाद 11 जून से मंदिरों को खोलने की अनुमति प्रदान की है। हालांकि रथयात्रा के आयोजन को लेकर सत्ताधीश अभी भी मौन हैं। 
राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने कल ही एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद हालात भले सुधरे हों लेकिन हमें परिस्थिति को हलके में नहीं लेना चाहिये। विशेषज्ञ तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में रथयात्रा का आयोजन अहमदाबाद में संभव हो पायेगा या नहीं इसको लेकर समय आने पर ही उचित निर्णय लिया जायेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के गृहराज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाड़ेजा ने आज मंदिर ट्रस्टियों के साथ बैठक कर यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बैठक के बाद गृहराज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाड़ेजा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण कम होने पर मंदिर को खोलने की इजाजत दी गई है। दर्शनार्थी कोरोना मागदर्शिका के अनुसार दर्शन लाभ ले सकते हैं। रथयात्रा का जहां तक संबंध है, मुख्यमंत्री के कहे अनुसार कोरोना के मामलों के मद्देनजर आने वाले दिनों पर समय रहते उचित निर्णय लिया जायेगा। हालांकि 24 जून को जलयात्रा कोविड प्रोटोकोल के अनुरूप संपन्न होगी।
अहमदाबाद स्थित जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए गुजरात के गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाड़ेजा। (Photo Credit : news18.com)
उधर अहमदाबाद जगन्नाथ मंदिर के महंम दिलीपदासजी महाराज ने कहा है कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए रथयात्रा के बारे में बाद में निर्णय लिया जायेगा। वैसे मेरे और सबके मन का भाव यही है कि रथयात्रा निकले। यद्यपि जलयात्रा कोविड गाइडलाइन के अनुसार होगी।
बता दें कि अहमदाबाद में रथयात्रा से पहले हर वर्ष जल यात्रा निकलती है जिसमें बड़ी संख्या में साधु संत, भक्त साबरमती नदी से जल ग्रहण करने की विधि को अंजात देते हैं। पिछले साल भी सादगी के साथ जलयात्रा की विधि संपन्न की गई थी।
बता दें कि पूरी में इस बार भगवान जगन्नाथ की यात्रा के लिये केवल पुजारी-सेवक मर्यादित संख्या में शामिल हो पायेंगे। इसके लिये सेवकों को वैक्सीन लगाई होनी चाहिये और आरटी-पीसीआर नैगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा। साथ ही रथयात्रा में श्रद्धाजुओं के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। उड़िसा सरकार ने इस बाबत एक गाइडलाइन भी जारी की है। विशेष राहत आयुक्त (एसआपी) प्रदीप जेना ने मीडिया को बताया है कि रथयात्रा उत्सव सुप्रीम कोर्ट की ओर से घोषित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही होगा।

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