जन्माष्टमी विशेष : देश के इन मंदिरो में होती है भगवान श्रीकृष्ण की धूमधाम से पुजा

देश के कोने कोने से भक्त आते है मंदिरो में, जन्माष्टमी के दिन होती है विशेष पुजा और मंगला आरती

आज 30 अगस्त देश भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। सुबह से ही कृष्ण मंदिरो में भक्तो का ताता लगा हुआ है। ऐसे में आज हम आपको देश भर के ऐसे मंदिरो की सैर कराएंगे, जो की जन्माष्टमी के दिन किसी मेले से कम नहीं लगते। इन मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पुजा की जाती है। तो आइये चलते है भगवान श्रीकृष्ण के सबसे बड़े मंदिरो की सैर पर, जिसे देखकर आप आश्चर्यचकित रहे जाएगे।
द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका
द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका, गुजरात
द्वारकाधीश मंदिर को जगत मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर भारत के चार धामों में से एक है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन यहाँ आप भगवान श्रीकृष्ण के भव्य स्वरूप के दर्शन कर सकते है। मंदिर में जन्माष्टमी के दिन भक्तों की संख्या काफी अधिक होती है। देश के कोने कोने से लोग यहाँ श्रीकृष्ण के दर्शन करने आते है।
बेट द्वारका मंदिर, गुजरात
माना जाता है की इस मंदिर में श्रीकृष्ण अपने बाल्यकाल के मित्र सुदामा को मिले थे। सुदामा जब अपने मित्र श्रीक़ृष्ण को मिलने आए थे, तब अपने साथ एक छोटी सी थैली में कुछ चावल भी ले आए थे। इस चावल को खाकर ही भगवान ने उनकी दरिद्रता दूर की थी। आज भी यहाँ चावल दान करने की परंपरा है। कहा जाता है जो भी यहाँ चावल का दान करता है वह कई जन्मों तक निर्धन नहीं रहता।
द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा
मथुरा के इस द्वारकाधीश मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की श्याम रंग की प्रतिमा स्थापित है। श्रीकृष्ण की श्याम मंदिर के अलावा राधा रानी की श्वेत मूर्ति भी यहाँ स्थापित है। प्राचीन मंदिर की वास्तुकला भी काफी शानदार है। जन्माष्टमी के दिन यहाँ सुबह से ही विशेष पुजा की जाती है और रात को 12 बजे के बाद कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता है।
बाँके बिहार मंदिर, मथुरा
उत्तरप्रदेश के वृंदावन में स्थित बाँके बिहारी का मंदिर श्रीकृष्ण के प्राचीन मंदिरों में से एक है। जन्माष्टमी के दिन यहाँ मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए रात के दो बजे से ही दरवाजे खोल दिये जाते है। बता दे कि मंदिर में होने वाली यह मंगला आरती पूरे साल में मात्र एक बार जमाष्टमी के दिन ही की जाती है।
जगन्नाथ पूरी, उड़ीसा
उड़ीसा के पूरी में स्थित जगन्नाथ पूरी के मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ बिराजमान है। श्याम रंग में मंदिर में स्थापित भगवान कृष्ण का काफी महत्व माना जाता है।
श्रीकृष्ण मठ, उडुपी
यह मंदिर कर्नाटक के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की पुजा नव छेदों में से की जाती है। जन्माष्टमी के दिन इस मंदिर को फूलो और रोशनी से सजा दिया जाता है। 

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