‘भारत गौरव योजना के तहत’ दो देशों के बीच साझा ट्रेन चलाने जा रही है आईआरसीटीसी

सफदरजंग रेलवे स्टेशन से चलने वाली ट्रेन श्री रामायण यात्रा सर्किट पर भारत और नेपाल के बीच लगभग 8,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी

भारत की रेल सेवा विश्व भर में प्रसिद्ध है। भारत की रेल सेवा अब एक बड़ा काम करने जा रही है। रेल सेवा चलाने वाली  आईआरसीटीसी एजेंसी ट्रेन के माध्यम से दो देशों को जोड़ने जा रही है। दरअसल भारतीय रेलवे की भारत गौरव योजना के तहत भारतीय रेलवे केटरिंग और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) एक पर्यटक ट्रेन के माध्यम से दो देशों को जोड़ने जा रही है।
इस बारे में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन के एक अधिकारी ने बयान में कहा कि सफदरजंग रेलवे स्टेशन से चलने वाली ट्रेन श्री रामायण यात्रा सर्किट पर भारत और नेपाल के बीच लगभग 8,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह ट्रेन भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थानों को कवर करते हुए "स्वदेश दर्शन" योजना के तहत पहचाने गए रामायण सर्किट पर चलेगी। ट्रेन नेपाल में स्थित जनकपुर में राम जानकी मंदिर भी जाएगी। जो इस कार्यक्रम का हिस्सा होगा और यह जाने वाली पहली ट्रेन होगी। भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन डोमेस्टिक टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की पहल "देखो अपना देश" है।
आईआरसीटीसी की ओर से मिल रही जानकारी के अनुसार 600 व्यक्तियों वाली यह ट्रेन अयोध्या, बक्सर, जनकपुर, सीतामढ़ी, काशी, प्रयाग, चित्रकूट, नासिक, हम्पी, रामेश्वरम, कांचीपुरम और भद्राचलम सहित प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी। इस यात्रा में प्रति व्यक्ति लगभग 65,000 रुपये खर्च होंगे। भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन यात्रा का पहला पड़ाव भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में है। जहां टूरिस्ट श्री राम जन्मभूमि मंदिर और हनुमान मंदिर के अलावा नंदीग्राम में भारत मंदिर भी जाएंगे। इसके अलावा, आईआरसीटीसी सभी टूरिस्ट को एक फेस मास्क, हैंड ग्लव्स और हैंड सैनिटाइजर युक्त सुरक्षा किट भी प्रदान करेगा। यह टूर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित राज्यों को कवर करेगा।

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