ईरान : पुलिस हिरासत में मरने वाली महसा अमीनी की मेडिकल रिपोर्ट में ये बातें आई सामने

हिजाब न पहनने के कारण मोरल पुलिस द्वारा हिरासर में ली गई महसा अमीनी की पुलिस कस्टडी में हुई थी मौत

ईरान के सरकारी मीडिया ने पश्चिमी देशों पर इस्लामिक देश में दंगे भड़काने के आरोप लगाए, रिपोर्ट में चोट या जबरजस्ती के कोई निशान नहीं

इस समय ईरान में हिजाब को लेकर भारी हंगामा मचा हुआ है। ईरान में हिजाब ना पहनने के लिए जगह-जगह हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। महिलाएं न सिर्फ अपना हिजाब उतारकर फैंक रही हैं बल्कि बहुत सी महिलाओं ने अपने बाल भी काटकर हिजाब के सामने अपना विरोध प्रदर्शित किया है। इस सबकी वजह महसा अमीनी है। हिजाब न पहनने के कारण मोरल पुलिस द्वारा हिरासर में ली गई महसा अमीनी की पुलिस कस्टडी में मौत हो जाने के बाद से ही ये हंगामा मचा हुआ है। अब इस घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी हालात बेकाबू हैं। जगह-जगह हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच ईरान की सरकार ने अमीनी की मेडिकल रिपोर्ट साझा की है। 

क्या है अमीनी की मेडिकल रिपोर्ट में


आपको बता दें कि ईरानी मीडिया के अनुसार फोरेंसिक डॉक्टरों को अमीनी की खोपड़ी या उसके शरीर में चोट लगने, सूजन या फ्रैक्चर के कोई संकेत नहीं मिले हैं। ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा साझा किये अमीनी के CT स्कैन में उसकी मौत के कारण बताने के साथ पश्चिमी देशों पर भी इस्लामिक देश में दंगे भड़काने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही तेहरान प्रांत में फॉरेंसिक मेडिसिन के महानिदेशक मेहदी फारुज़ेश ने कहा कि महसा अमीनी के शव परीक्षण से पता चला है कि युवती के आंतरिक अंगों में कोई रक्तस्राव नहीं हुआ था। CT स्कैन में भी अमीनी के शरीर पर कोई चोट के निशान न होने की बात कही गई है। हालांकि डॉक्टरों की टीम ने कहा कि फिलहाल अमीनी की मौत के स्पष्ट कारणों का पता लगाने में अधिक समय की जरूरत है।

2006 में हुई थी मस्तिष्क की सर्जरी


इस रिपोर्ट के बाहर आने के बाद तेहरान की मीडिया ने अमीनी के मस्तिष्क की सर्जरी होने और इसकी वजह से एकाएक कोमा में जाने का दावा किया है। सरकार की ओर से जारी CCTV फुटेज में कहा गया है कि अमीनी और पुलिस अफसर में हिजाब को लेकर नोकझोंक के बाद युवती मौके पर बेहोश हो गई थी, जिसके बाद युवती के कोमा में चले जाने से उसकी मौत हो गई। ईरान के मुताबिक अमीनी की मौत का बहाना लेकर सऊदी और पश्चिमी देश माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

देश भर में हो रहे हिंसक प्रदर्शन, 40 से अधिक लोगों की मौत


गौरतलब है कि इस घटना के बाद देश में हिजाब के विरुद्ध लोगों में बढ़ रहे असंतोष के बाद पुलिस भड़के प्रदर्शनों को रोकने के लिए भारी बल का प्रयोग कर रही है। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ रही है और फायरिंग कर रही है। सरकारी मीडिया के आंकड़ों के मुताबिक अब तक इन प्रदर्शनों में 41 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि कई स्वतंत्र संस्थाओं का अनुमान है कि पुलिस की गोलीबारी में कम से कम 50 लोग मारे जा चुके हैं। इन प्रदर्शनों में हदीस नजफी, गजाला चेलावी, हनाना किया और माहशा मोगोई की मौत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रही।

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