17 मई को मुंबई के मजगांव डॉकयार्ड में लांच होने जा रहा है भारतीय युद्ध जहाज INS-SURAT

आईएनएस सूरत भारतीय नौसेना के  प्रोजेक्ट 15बी का नेक्सट जेनरेशन स्टेल्थ गाईडेड मिसाइल डेस्ट्रोयर है

मुंबई स्थित मझगांव डॉकयार्ड में 17 मई को दो स्वदेशी युद्धपोत लॉन्च किए जाएंगे। ये स्वदेशी युद्धपोत निर्माण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक दिन है। इस दौरान खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वहां मौजूद रहेंगे। भारतीय वायुसेना के मुताबिक, ये दोनों वॉरशिप यानि युद्धपोत आईएनएस सूरत (यार्ड 12707) और आईएनएस उदयगिरी (यार्ड 12652) के नाम से जाने जाएंगे।  दोनों ही युद्धपोत का डिजाइन नौसेना के नेवल डिजाइन निदेशालय ने तैयार किया है।
आपको बता दें कि भारतीय नौसेना ने भारत के तटीय क्षेत्रों और बंदरगाहों के शहरों के नाम पर INS श्रृंखला के युद्धपोतों के नामकरण की नीति विकसित की है, और इस तरह के नामकरण के लिए रक्षा विभाग के मानदंड विकसित किए हैं।  आईएनएस सूरत से पहले 3 युद्धपोतों का नाम आईएनएस विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), आईएनडी पारादीप (ओडिशा) और आईएनएस इंफाल (मणिपुर) था।  IND प्रोजेक्ट 15-बी के तहत सूरत नौसेना का चौथा और अंतिम जहाज है। जिसे विशाखापत्तनम में आयोजित करने की योजना है। हालांकि सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा है कि क्या सूरत के नाम पर रखा गया युद्धपोत आईएनएस सूरत अरब सागर में दिखाई देगा क्योंकि यह सूरत में उतरने वाला नहीं है।
आपको बता दें कि आईएनएस सूरत भारतीय नौसेना के  प्रोजेक्ट 15बी का नेक्सट जेनरेशन स्टेल्थ गाईडेड मिसाइल डेस्ट्रोयर है। गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर दुश्मन के रडार की नजर से बचकर ऑपरेट कर सकता है। इसमें सतह से सतह में मार करने वाली मिसाइल और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल लगी होगी। इसमें आधुनिक सर्विलांस रडार फिट होंगे जो टारगेट का डेटा सीधे वॉरशिप के वेपन सिस्टम में देगा। यह सबमरीन से भी निपटने में सक्षम होगा। प्रोजेक्ट 15बी का पहला युद्धपोत, आईएनएस विशाखापट्टनम पिछले साल यानि 2021 में भारतीय नौसेना में शामिल हो गया था जबकि बाकी दो, आईएनएस मारमुगाव और आईएनएस इम्फाल के ट्रायल चल रहे हैं। 
आईएनएस सूरत की विशेषताओं की बात करें आईएनएस सूरत एक 7400 टन का युद्धपोत है जिसकी लंबाई 163 मीटर (553 फीट), बीम 174 मीटर (57 फीट), ड्राफ्ट 6.5 मीटर (21 फीट) है। इस जहाज में 9900 एचपी डीजल इंजन है, जिसमें डब्ल्यूसीएम-1000 जनरेटर काटने की गति 56 किलोमीटर (30 समुद्री) प्रति घंटा है। इसकी 4 इंटरसेप्टर नौकाओं के साथ 4600 मीटर तक की फायर की क्षमता है। इस जहाज में नौसेना के 50 अधिकारी और 250 सैनिक सवार हो सकते हैं। लंबे समय तक चल सकता है। यह युद्धपोत सतह से हवा में मार करने वाली बराक-8 मिसाइल, ब्रह्मोस मिसाइलों को लॉन्च कर सकता है। साथ ही RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर में 010 मेलारा 76 MM नेवल गन, AK-630 स्टेबलाइज्ड रिमोट गन से गन फायर करने की भी सुविधा है।  युद्धपोत की ऊपरी मंजिल उड़ान डेक और हेलीकाप्टर हैंगर से सुसज्जित है।

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