भारतीय रेलवे : बंद होने जा रही हैं 14 महीने शुरू हुए ये विशेष सुविधा

भारतीय रेलवे ने एसी 3 इकोनॉमी क्लास को खत्म करने का फैसला किया

भारतीय रेलवे में अपनी व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव करते हुए एसी 3 इकोनॉमी क्लास को खत्म करने का फैसला किया है। एसी 3ई कोच को एसी 3 में मिला दिया जाएगा और इसे आधिकारिक तौर पर एसी 3 नाम दिया जाएगा। खास बात यह है कि इसका किराया एसी 3 जैसा ही रहेगा। भारतीय रेलवे ने सितंबर 2021 में एसी 3 इकोनॉमी क्लास की शुरुआत की थी लेकिन 14 महीने बाद इसे बंद कर दिया जाएगा।

कोच बदलने की प्रक्रिया अगले चार महीनों में हो जाएगी पूरी


आपको बता दें कि अब तक यात्री एसी -3 इकोनॉमी टिकट एक अलग श्रेणी '3 ई' के तहत बुक कर सकते थे। सूत्रों के मुताबिक ऐसी कई ट्रेनों में अगले कुछ महीनों तक टिकट नहीं मिल रहा है। सभी ट्रेनों में 3ई को एसी-3 में बदलने की प्रक्रिया अगले चार महीने में पूरी कर ली जाएगी। एसी-3 इकोनॉमी कोच में सामान्य एसी-3 कोच की तुलना में कम लेगरूम होता है। अधिकारियों ने आगे कहा कि वर्तमान में 11,277 सामान्य एसी -3 कोचों के मुकाबले 463 एसी -3 इकोनॉमी कोच हैं और इसलिए प्रभाव नगण्य होगा। उन्होंने कहा कि एसी-3 इकोनॉमी कोच में यात्रियों के लिए सामान्य एसी-3 कोचों की तुलना में बेहतर सुविधाएं हैं और ऐसे कोचों में लिनन की व्यवस्था की गई है, जो अब तक उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा कि लिनन उपलब्ध कराने की अतिरिक्त लागत लगभग 60-70 है।

अब से यात्री कर सकेंगे अपन भोजन मेनू का चयन


गौरतलब है कि एक सामान्य एसी -3 कोच में 72 बर्थ होती है जबकि प्रत्येक एसी -3 इकोनॉमी कोच में 83 बर्थ होती है। रेलवे ने दावा किया कि अधिक सीटों वाले नए कोच दुनिया में अपनी श्रेणी में सबसे सस्ती वातानुकूलित ट्रेन यात्रा की पेशकश करते हैं। वहीं, भारतीय रेलवे लोगों को खाने के मेन्यू को लेकर एक नई सुविधा देने जा रहा है। मधुमेह रोगियों, बच्चों और स्थानीय खाद्य पदार्थों को उनकी पसंद के अनुसार भोजन दिया जाएगा। रेल मंत्रालय ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) को ट्रेनों के खाने के मेन्यू में बदलाव करने की छूट दे दी है। इस नए फूड मेन्यू के तहत यात्रियों को उनकी पसंद के अनुसार क्षेत्रीय और मौसमी भोजन परोसा जाएगा। यह भोजन शुल्क आपके टिकट में शामिल नहीं होगा, लेकिन यदि भोजन पहले से टिकट में शामिल है, तो मेनू का निर्णय आईआरसीटीसी द्वारा किया जाएगा, न कि यात्रियों द्वारा।

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