हरियाणा: पत्नी के अत्याचार से परेशान पति का वजन भी हुआ कम, अदालत ने तलाक की दी मंजूरी

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : Pixabay.com)

पत्नी द्वारा परिवार पर लगाये गए आरोप पाए गए बेबुनियाद और झूठे

पति पत्नी का रिश्ता बहुत ही खास माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि ये रिश्ता जन्मों जन्म का होता है लेकिन आज कल पति पत्नी के बीच तलाक होना बहुत आम हो चुका है। ऐसे ही तलाक के एक मामले में पति ने तलाक की अर्जी देते हुए ये कहा कि पत्नी के अत्याचारों के कारण  उसका वजन 21 किलो जितना कम हो गया। पति के तर्कों को सुनकर अदालत ने इस तलाक को मंजूरी दे दी।
जानकारी के अनुसार हरियाणा के हिसार के रहने वाले एक आदमी ने पहले फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दी थी। फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका को स्वीकार कर लिया। हालांकि, पत्नी ने उसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी। जिसमें अदालत ने पाया कि महिला द्वारा अपने पति और उसके परिवार के खिलाफ दायर घरेलू हिंसा के सभी मामले झूठे थे और इसके विपरीत उसके पति को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, इस दंपति की 2012 में शादी हुई थी और उनकी एक बेटी भी है। तलाक  पति ने तर्क दिया कि उसकी पत्नी बहुत गुस्से वाली है और बेवजह पैसे खर्च करती है। उसने कभी मेरे परिवार के साथ सामंजस्य स्थापित करने की कोशिश नहीं की। वह छोटी-छोटी बातों पर झगड़ती थी। लंबे समय के बाद भी उसका व्यवहार नहीं बदला।
पति ने कोर्ट को बताया कि जब उसकी शादी हुई तो उसका वजन 75 किलो था लेकिन अब उसका वजन सिर्फ 53 किलो है। हालांकि, उसकी पत्नी ने तर्क दिया कि उसने हमेशा प्यार और सम्मान के साथ अपना कर्तव्य निभाया। मेरे पति ने मेरे साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया और शादी के छह महीने बाद दहेज के लिए मुझे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
हालांकि, अदालत ने सुनवाई के दौरान पत्नी की दलीलों को झूठा पाया और इस वजह से अदालत ने उसके पति के पक्ष में फैसला सुनाया और तलाक की अनुमति दे दी

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