मोबाइल को चार्ज पर लगाते समय खुले तार पर लगा हाथ, 17 वर्षीय नाबालिग युवती की हुई मृत्यु

(Photo Credit : trishulnews.com)

सफाई करते वक्त गलती से छु लिया बिजली बोर्ड में लगा करंट का तार

आए दिन मोबाइल चार्जर से लगने वाले करंट के कई मामले सामने आते रहते है। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश से सामने आया है। जिसमें अशोकनगर में एक छोटी सी गलती के कारण 17 साल की बच्ची की जान चली गई है। मिली जानकारी के अनुसार लड़की का हाथ एक और खुले तार (खुले तार को छुआ) को छू रहा था, जो मोबाइल चार्जर में डालने के दौरान पहले से ही बोर्ड के सॉकेट में लगा हुआ था। इसके कारण उसे बिजली का झटका लग गया और उसकी जान चली गई। जब भाई ने यह सब देखा तो उसने पहले से लकड़ी से बहन के शरीर पर से तार को अलग किया, फिर शोर मचाकर अपने परिजनों को बुलाया। 
पता चला है कि बिजली के झटके से बच्ची की अंगुली गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी, इसलिए उसे तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया लेकिन फिर भी उसे बचाया नहीं जा सका। शंकर कॉलोनी में रहने वाली जगन्नाथ की बेटी शिवानी बुधवार को अपना मोबाइल फोन चार्ज करने जा रही थी। इस बीच, जिस बोर्ड पर वह चार्जर चार्ज कर रही थी, उस समय बोर्ड के दूसरे सर्किट में बिना प्लग के एक तार था। जिससे उसे करंट लगा था। 
जिस समय यह घटना हुई शिवानी के माता-पिता सोयाबीन की फसल काटने के लिए खेत में गए थे। बड़ा भाई इंदौर गया हुआ था। एक छोटा भाई वहां खेल रहा था। फिर शाम करीब 4 बजे जब छोटा भाई घर आया तो देखा कि बहन तार से चिपक गई है। उसने फौरन लाठी से तार हटाया और पड़ोसियों को बुलाया। बाजार में सामान लेने गई बड़ी बहन भी इस समय घर लौट आई। बाद में उन्होंने इस बारे में अपने माता-पिता को सूचित किया।
इस बारे में शिवानी की बड़ी बहन लक्ष्मी ने कहा कि शिवानी सफाई कर रही थी। शिवानी के पास एक चार्जर भी था। संभव है कि सफाई के दौरान चार्जर दीवार पर लगे बोर्ड में फंस गया हो। बोर्ड से दो अन्य तार भी थे। हो सकता है कि शिवानी की उंगली बोर्ड में पहले से लगे तार को छू गई हो। पता चला है कि शिवानी अभी कक्षा-8 में ही गुविलया के नवोदय विद्यालय में पढ़ रही थी।

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