हॉलमार्किंग का नियम एक साल तक स्थगित रखने की मांग

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : Pixabay.com)

जेम एन्ड ज्वैसरी डोमेस्टिक काउन्सिल ने लगाई गुहार, इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभाव होने का बताया कारण

कोरोना के कारण देशभर का व्यापार ठप्प है। व्यापारी वर्ग परेशान है। ऐसे में ज्वेलरी पर अनिवार्य हॉलमार्किंग के नियम को 1 साल तक और बढ़ा देने की मांग की गई है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डॉमेस्टिक काउंसिल ने इस बारे में पत्र लिखकर सरकार से अपील की है और वर्तमान समय सीमा जो कि 2021 के जून महीने में समाप्त हो रही है इसे बढ़ाकर 1 साल और करने के लिए कहा है। भारत के सिर्फ 33% जिलों में स्ट्रक्चर मौजूद है। 
कई जिलों में हॉलमार्किंग सेंटर नहीं होने के कारण इस नियम के लागू होने से ज्वैलर और कारीगरों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा। देश के 733 जिलों में रजिस्टर्ड ज्वेलर्स की संख्या भी सिर्फ 31 हजार से कुछ अधिक है। ज्यादातर ज्वैलर भी रजिस्टर नहीं है। जीजेसी के अध्यक्ष आशिष पेठे ने बताया कि सरकार को यह नियम लागू करने से पहले हॉलमार्किंग का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना पड़ेगा नहीं तो यह नियम अच्छे से लागू नहीं हो पाएगा। साथ ही ज्वेलरी के व्यापार पर विपरीत असर पड़ेगा। कई लोगों की नौकरी भी जाने का खतरा बना हुआ है।
वर्तमान समय में देश में कोरोना की परिस्थिति है ऐसे में हॉल मार्किंग के नियम के अमन के बाद से ज्वेलर्स की समस्या बढ़ सकती है। देश की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए और ज्वैलर की समस्या को समझते हुए सरकार को हॉल मार्किंग अनिवार्य करने का नियम 1 साल के लिए स्थगित कर देना चाहिए। ताकि सरकार इसका इन्फ्रास्ट्रक्चर बना सके और कोरोना की परिस्थिति भी थोडी सामान्य हो जाए।

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