गुजरातः मोरबी शहर-जिले में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने तंत्र के अधिकारियों को सीएम ने दिया मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी

मोरबी में स्थिति नियंत्रण में है, दवाई भी-कड़ाई भी के सूत्र को ध्यान में रख टीकाकरण अभियान में भी सहभागिता करें लोग

मोरबी में तत्काल प्रभाव से नई कोरोना टेस्ट लैब स्थापित की जाएगीः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शुक्रवार को मोरबी में कोरोना की दूसरी लहर के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए जिले के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण पर काबू पाने के लिए गुजरात ने प्रभावी उपाय किए हैं। 
मुख्यमंत्री ने कोरोना के संदर्भ में तीन ‘टी’- टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट पर जोर देते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि गुजरात सरकार लोगों की समझदारी, सावधानी और सहयोग के साथ कोरोना की वर्तमान स्थिति की चुनौती से निपटेगी। 
उप मुख्यमंत्री  नितिनभाई पटेल की उपस्थिति में मीडिया के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मोरबी में स्थिति काबू में है। कोरोना की दूसरी लहर में अन्य शहरों की तरह मोरबी में भी मामले बढ़े हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं जिसके अंतर्गत बड़ी संख्या में लोगों का टेस्ट कर संक्रमण को काबू करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। 
उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का संक्रमण अधिक है, वहां पूरे गांव की कोरोना टेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि मोरबी में मेडिकल ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में सप्लाई उपलब्ध है। हालांकि आवश्यक जरूरत को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संस्थाओं को मेडिकल ऑक्सीजन के लिए मिनी प्लांट स्थापित करने की कार्यवाही करने को भी प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। 
श्री रूपाणी ने मोरबी जिले में राज्य सरकार की ओर से तत्काल प्रभाव से उठाए गए कदमों के संदर्भ में कहा कि कल यानी शनिवार से मोरबी सिविल अस्पताल में कोरोना टेस्टिंग के लिए नई लेबोरेटरी कार्यरत हो जाएगी। मोरबी में सरकारी अस्पताल के 280 सहित कुल लगभग 900 बेड की व्यवस्था है। निजी अस्पतालों, ट्रस्टों और समाज के सहयोग से कोरोना के माइल्ड यानी सामान्य असर वाले मरीजों को ग्रामीण स्तर पर उपचार सुविधा मुहैया कराने के लिए जनसहयोग और सरकार के समन्वय से नए 500 अतिरिक्त बेड की सुविधा स्थापित की जाएगी। 
उन्होंने कहा कि जिले के 35 स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ और ढांचागत सुविधा बढ़ाने की छूट दी गई है। मोरबी सिविल अस्पताल में भी आवश्यकता अनुसार सुविधाओं और दवाइयों की खेप मुहैया कराई जा रही है। रेमडेसिविर इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और नए 700 इंजेक्शन कल आवंटित कर दिए जाएंगे। 
मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों की राय का जिक्र करते हुए कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन के गैर जरूरी उपयोग से लीवर और किडनी जैसे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान हो सकता है। सरकार के पास इंजेक्शन की पर्याप्त खेप है, इसलिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की चिकित्सकीय सलाह के मुताबिक जरूरत पड़ने पर ही इंजेक्शन लिया जाना चाहिए। 
उन्होंने मोरबी के सांसद मोहनभाई कुंडारिया के साथ समन्वय कर सार्वजनिक संस्थाओं के सहयोग से टीकाकरण जागृति और कोरोना केयर सेंटर की व्यवस्थाओं का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि सभी के साथ और सहयोग से हम कोरोना के संक्रमण को रोकने में सफल होंगे। 
मुख्यमंत्री ने मोरबी जिला प्रशासन की ओर से कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मोरबी सिविल अस्पताल में सभी मरीजों को श्रेष्ठ उपचार सुलभ कराने के प्रबंधन के लिए अधिकारियों की विशेष नियुक्ति करने को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि मोरबी की प्रभारी सचिव श्रीमती मनीषा चंद्रा फिलहाल जिले की स्थिति की सीधी देखरेख करेंगी। 
मोरबी जिले में कोविड-19 के मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं के बारे में भी मुख्यमंत्री ने जानकारी हासिल की और मास्क को लेकर लोगों में जागृति होने के बावजूद यदि कोई व्यक्ति मास्क नहीं पहनता तो उसके खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा, माइक्रो कंटेन्मेंट जोन से कोरोना का कोई मरीज बाहर न निकले और संक्रमण न फैलाए यह सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने पुलिस सहित संबंधित विभाग के अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया। 
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई इस बैठक में उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल, सांसद मोहनभाई कुंडारिया, विधायक  परषोत्तम साबरिया, जिला भाजपा अध्यक्ष दुर्लभजीभाई देथरिया, मुख्य सचिव  अनिल मुकीम, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव  के. कैलाशनाथन, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव डॉ. जयंती रवि, जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती मनीषा चंद्रा, जिला कलक्टर जेबी पटेल, रेंज आईजी संदीप सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक एसआर ओडेदरा, अतिरिक्त कलक्टर  केतन पी. जोषी, सिविल अस्पताल के आरएमओ और सिविल सर्जन सहित कई अधिकारियों की उपस्थिति में कोरोना की स्थिति को लेकर चर्चा-परामर्श किया गया। 

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