गुजरात : मुर्गी दिखाकर शेर को ललचाने वाले मामले में कोर्ट की सख्त कार्रवाई, जानें आरोपियों को क्या सजा सुनाई गई

प्रतिकात्मक तस्वीर (File Photo : IANS)

२०१८ में एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें कुछ लोग शेरों के साथ छेड़खान कर रहे थे, जानें पूरा मामला

कुछ वर्षों पहले जूनागढ़ के गीर गढणा ध्रुबक क्षेत्र में शेरो को परेशान करने के मुर्गीकांड में कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए 6 आरोपियों को 3 साल की सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी को एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपए का दंड भी दिया गया है एवं जमीन भी जब्त करने के निर्देश दिए हैं। 
2018 में वायरल हुआ था वीडियो
मिली जानकारी के अनुसार 2018 के साल में मई महीने में शेरों को परेशान करने का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें हाथ में मुर्गी लेकर कुछ लोग शेर को ललचा रहे थे। यह वीडियो कथित रूप से किये जा रहे अवैध लायन शो का था जिसमें पेड़ की डाल से मुर्गी को रस्सी से बांधकर शेर के पास आने पर रस्सी खींच ली जाती और इस ्प्रकार शेर को शिकार के लिये ललचाता दिखाया गया था। 
यह वीडियो बहुत ही चर्चा का विषय बना था। इसके बाद वन विभाग ने 8 लोगों के खिलाफ वाइल्डलाइफ एक्ट की धारा के अंतर्गत शिकायत दर्ज करवाई थी। जांच के दौरान यह वीडियो गीर गढणा के बाबरिया रेंज में ध्रुबक क्षेत्र का होने की बात सामने आई। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों का केस कोर्ट में चल रहा था। न्यायाधीश सुनील कुमार दवे ने सोमवार को निर्णय सुनाया। 
छ आरोपियों को तीन साल की सजा
मुख्य आरोपी इल्यास अद्रेमान होथ, रवि कांति पाटडिया, दिव्यांग घनश्याम गज्जर, रथीन अनिल पटेल, अब्बास अहमद रिंग बलोच, अल्ताफ हैदर बलोच नाम के आरोपियों को 3 साल की सजा सुनाई गई थी। साथ ही प्रत्येक को 10-10 हजार की सजा सुनाई गई थी, जबकि मांगीलाल गमीरा मीना को 1 साल की सजा और 10000 रूपए का दंड दिया। एक हासम सिकंदर कारेजा का निर्दोष छोड़ दिया गया। दंड की रकम से 35000 वन विभाग को देने के लिए कहा गया। साथ ही मुख्य आरोपी इलियास के परिवार जनों को गिर अभ्यारण के बाबरिया रेंज ध्रुबक क्षेत्र में दी गई सेटलमेंट वाली जमीन की मंजूरी रद्द करके जमीन का कब्जा सरकार को लेने के लिए भी जिला कलेक्टर को निर्देश दिए।

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