गुजरात : छोटे और मध्यम उद्यमियों और बैंकों के बीच सेतु बनी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने प्रमुख बैंकरों के साथ एमएसएमई क्षेत्र की बैठक को संबोधित ‌किया

एमएसएमई को अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य सरकार लघु और मध्यम उद्यमों, एमएसएमई क्षेत्र और बैंकरों के बीच एक सेतु के रूप में एमएसएमई के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि राज्य के औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए उद्योगों और बैंक  के बीच समन्वय भी जरूरी है। मुख्यमंत्री एमएसएमई क्षेत्र के मुद्दों और समस्याओं पर राज्य के एमएसएमई कमिश्नरेट और वित्त विभाग द्वारा आयोजित प्रमुख बैंकरों के साथ एमएसएमई क्षेत्र की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण विशेष कर छोटे उद्यमियों को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे व्यवसायियों को पुनः खड़ा करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी द्वारा दिए गए सहायता योजना पैकेज का लाभ ऐसे छोटे कारोबारियों को देने के अपने दायित्व को बैंकों ने पूरा किया है, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऋण-वित्त सहायता में बैंकों का समग्र प्रदर्शन सकारात्मक है। हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगपतियों के बड़े और छोटे मुद्दों को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति एस.एल.बी.सी में ध्यान में रखा जाए और इसे तुरंत हल किया जाएगा।
बैठक में वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, उद्योग राज्य मंत्री जगदीशभाई विश्वकर्मा, मुख्य सचिव  पंकज कुमार के साथ-साथ आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक  पाणिग्रही, एसएलबीसी-संयोजक बंसल और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ सचिवों ने भाग लिया। राज्य के राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा के प्रतिनिधियों, राजकोट इंजीनियरिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस बैठक में एमएसएमई को लेकर विभिन्न पेशकश किये। 
एसएलबीसी के संयोजक  बंसल ने देश भर में राष्ट्रीयकृत बैंकों सहित 4048 शहरी, 2337 अर्ध-शहरी और 3592 ग्रामीण सहित कुल 9977 शाखाओं द्वारा प्रदान की गई ऋण सहायता, ग्राहक और उद्योग उन्मुख सेवाओं के विभिन्न पहलुओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई उद्योगों के लिए दिशा-निर्देशों और योजनाओं के संकलन के साथ एक मंच भी जारी किया। 

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