गुजरात : ‘आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवा शक्ति के लिए मौजूद हैं अनेक अवसर’

आईआईटीराम में तीन भवनों का हुआ भूमिपूजन

आईआईटीराम का चौथा दीक्षांत समारोहः 147 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले तीन भवनों का हुआ भूमिपूजन

प्रधानमंत्री की दूरर्शिता से कुशल युवा संस्कृति के निर्माण का नेतृत्व कर रहा है गुजरातः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने साफ तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से गुजरात बुनियादी ढांचा विकास (इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) की समयानुकूल मांग के अनुरूप कुशल युवा संस्कृति के निर्माण का नेतृत्व कर रहा है। यह बात उन्होंने गुरुवार को अहमदाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड मैनेजमेंट (आईआईटीराम) के चौथे दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल तरीके से इस दीक्षांत समारोह में शिरकत करते हुए 370 से अधिक छात्रों को उपाधि और विशेषज्ञता प्राप्त 20 छात्रों को पदक प्रदान किए। उन्होंने इस संस्थान के परिसर में कुल 147 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले छात्रावास भवन, अकादमिक ब्लॉक और फैकल्टी हाउसिंग का भूमिपूजन भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गांधीनगर से किया। शिक्षा मंत्री  जीतूभाई वाघाणी, यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के चेयरमैन  सुधीर मेहता और प्राध्यापकों सहित उपाधि प्राप्त करने वाले युवा छात्र इस समारोह में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  भूपेंद्र पटेल ने उपाधि प्राप्त करने वाले युवाओं को प्रेरणा देते हुए कहा कि गुजरात की युवा शक्ति को वैश्विक युवा बनाने की श्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता से राज्य को सेक्टोरल यूनिवर्सिटियों की नई सौगात मिली है। 
इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि रक्षाशक्ति यूनिवर्सिटी, रेलवे यूनिवर्सिटी, मरीन यूनिवर्सिटी, पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी, स्टार्टअप यूनिवर्सिटी और नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी सहित जैसी अनेक यूनिवर्सिटियों में अब आईआईटीराम का नाम भी जुड़ गया है। श्री पटेल ने 21वीं सदी को ज्ञान-विज्ञान की सदी करार देते हुए कहा कि भारत इस सदी में विश्व गुरु बनने के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में तैयार है, जबकि गुजरात वैश्विक ज्ञान देने वाली ऐसी यूनिवर्सिटियों के जरिए उसका केंद्र बिंदु बनने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि देश में जब बुनियादी ढांचा विकास की बातें होती थीं, तब आज से एक दशक पहले नरेन्द्र मोदी ने अनोखी दूरदर्शिता से इस क्षेत्र में योगदान देने वाले युवा गुजरात में तैयार करने के लिए आईआईटीराम का बीजारोपण किया था। 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में समग्र बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट और मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान की पहल की है। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी से प्राप्त ज्ञान से गुजरात का युवा ऐसे क्षेत्रों में भी अपना योगदान दे सकता है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि 21वीं सदी के विकसित भारत में युवाओं को यह तय करना होगा कि वे बतौर युवा शक्ति को खुद को कहां देखना चाहते हैं और फिर उस दिशा मे कार्यरत होने का संकल्प करें।
आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में इस युवा शक्ति के लिए मौजूद अनेक अवसरों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं के सामर्थ्य से ‘आत्मनिर्भर गुजरात से आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प साकार होगा। श्री पटेल ने यह भी कहा कि दुनिया की मांग को परखने के बाद गुजरात में हमने ऐसी यूनिवर्सिटियां और संस्थान स्थापित किए हैं कि गुजरात का युवा दुनिया के साथ न केवल बराबरी कर सके बल्कि उतना सक्षम बने कि आंख से आंख मिलाकर बात भी कर सके। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में निहित समग्र शिक्षा विकास के लक्ष्य के अनुरूप गुजरात ने रोडमैप तैयार किया है। 
मुख्यमंत्री ने उपाधि प्राप्त करने के बाद समाज में पदार्पण कर रहे युवाओं से राष्ट्र और राज्य को गौरव दिलाने वाले राष्ट्रहित के कार्य करने और जनकल्याण की भावना को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का भी अनुरोध किया। 
शिक्षा मंत्री  जीतूभाई वाघाणी ने आईआईटीराम के चौथे दीक्षांत समारोह में वर्चुअल तरीके से भाग लेते हुए उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बेहतर करियर के जरिए समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में छात्रों का योगदान मौजूदा समय की मांग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के मकसद से राज्य में राष्ट्रीय स्तर के अनेक संस्थान कार्यरत किए थे। जिसके अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी रिसर्च एंड मैनेजमेंट (आईआईटीराम) की स्थापना देश और दुनिया में उद्योग, शहरी एवं संशोधन संस्थानों के साथ सहयोग कर भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर में अपेक्षित परिवर्तन को समर्थन देने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संस्था में अनेक नवीन पाठ्यक्रमों के साथ संशोधन के आयाम भी स्थापित किए जा रहे हैं। 
श्री वाघाणी ने कहा कि आईआईटीराम में गुजरात सरकार के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’, ई-यंत्र लेबोरेटरी, स्मार्ट क्लास रूम और वाईफाई परिसर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यही नहीं, छात्रों को अनुसंधान के लिए प्रेरित करने को तथा विभिन्न विषयों पर अनुसंधान के लिए आईआईटीराम ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से सहयोग किया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि संस्था में शैक्षणिक श्रेष्ठता को प्रोत्साहित करने के लिए स्लोवेनिया की ल्यूब्लजाना यूनिवर्सिटी, जापान की हिरोशिमा यूनिवर्सिटी, जर्मनी की जेकॉब्स यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रेमेन, यूके की लोफबोरो यूनिवर्सिटी, फ्रांस के तुलोज की आईसीए, ऑस्ट्रेलिया की बर्न यूनिवर्सिटी और कर्टीन यूनिवर्सिटी तथा अमेरिका के टेक्सास स्थित यूटीआरजीवी के साथ सहयोग किया गया है। इसी तरह, राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के सेंटर फॉर डिस्टेंस में रिमोट सेंटर के तौर पर आईआईटीराम सक्रिय है। 
उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने आईआईटीराम में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की गतिविधियों को समर्थन दिया है। जिसके अंतर्गत ‘एरो-रोबोटिक्स’ का एक कार्यक्रम 2019-20 से शुरू किया गया है। गुजरात सरकार ने आईआईटीराम में रक्षा तकनीक के क्षेत्र में गतिविधियां शुरू की हैं। जिसकी स्थापना ‘इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड रिसर्च फाउंडेशन’ (आईडीएसआरएफ) के तौर पर की गई है। आईआईटीराम के चेयरमैनसुधीर मेहता ने स्वागत  भाषण में संस्थान में चल रहे पाठ्यक्रमों और संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डाला और उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं व्यक्त की। इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री कुबेरभाई डिंडोर और शिक्षा विभाग के सचिव श्री एसजे हैदर वर्चुअल तरीके से मौजूद थे। 

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