गुजरात : जानें कहां से मिला लाल रंग का दुर्लभ अफ्रीकी बिच्छू!?

(Photo Credit: wikipedia.org)

गुजरात में पहली बार देखने को मिला ‘रेड फ्रॉग क्रैब’

सौराष्ट्र का समुंद्री विस्तार लाखों समुंद्री जीव-जंतुओं का घर है। सागर के नीचे तरह तरह के और अलग-अलग प्रजाति के समुंद्री जीव-जंतु रहते है। इनमें से बहुत सारे तो ऐसे है जिनके बारे में हम जानते ही नहीं। हाल ही में सौराष्ट्र के समुंद्री तट पर एक दुर्लभ जीव देखा गया। दरअसल सिर्फ सौराष्ट्र ही नहीं बल्कि पुरे गुजरात में कछुए के आकार का लाल रंग का केकड़ा पाया गया। इस केकड़े को ‘अफ़्रीकी मेंढक’ या ‘रेड फ्रॉग क्रैब’ के नाम से जाना जाता है। वेरावल के तट पर इस अनोखे जीव को देखकर वहां मौजूद हर कोई हैरान था। वेरावल के फिशरीज कॉलेज के प्राध्यापक भी इसे अनोखी घटना बता रहे है।
आपको बता दें कि ‘रेड फ्रॉग क्रैब’ का आकार किसी सामान्य कछुए जैसा और वजन लगभग 550 ग्राम का होता है। इस जीव का वैज्ञानिक नाम रेनीना है। भारत में ये प्रजाति सबसे पहले केरल के तटों पर 2018 में देखा गया था। अब इसे गुजरात के सौराष्ट्र के वेरावल में पाया गया है। इस पर वहां के फिशरीज कॉलेज के प्राध्यापक डॉ। जितेश सोलंकी, डॉ प्रकाश परमार से इसके ‘रेड फ्रॉग क्रैब’ कोने की पुष्टि की है। केकड़े की यह प्रजाति अफ्रीका, जापान, मोरेशियस, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पाई जाती है। भारत में केकड़े की इस प्रजाति का मिलना अपने आप में अचरज की बात है।

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