गुजरात : सीएम भूपेंद्रभाई पटेल ने आपात बैठक बुलाकर सौराष्ट्र में भारी वर्षा से पैदा हुए हालात की समीक्षा की

भारी वर्षा के कारण पैदा हुए हालात की समीक्षा की।

राहत एवं बचाव कार्य को प्राथमिकता देने और बाढ़ में फंसे लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाने मुख्यमंत्री ने दिए जिला प्रशासन को निर्देश

राजकोट के लिए 3 और जामनगर के लिए 2 एनडीआरएफ की टीमें आएंगी बठिंडा से 
मुख्यमंत्री  भूपेंद्रभाई पटेल ने सोमवार को मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार ग्रहण करने के बाद पहले ही दिन एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर जामनगर और राजकोट जिले में भारी वर्षा के कारण पैदा हुए हालात की समीक्षा की। 
मुख्यमंत्री ने जामनगर के कलक्टर के साथ टेलीफोन के जरिए बातचीत कर राहत एवं बचाव कार्य तथा बाढ़ में फंसे लोगों को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की मदद से स्थानांतरित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। भूपेंद्रभाई पटेल ने एनडीआरएफ की 3 टीम राजकोट के लिए और 2 टीम जामनगर के लिए बठिंडा से बुलाने की व्यवस्था करने तंत्रवाहकों को ताकीद की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस संदर्भ में मुख्यमंत्री के साथ बातचीत कर कहा कि गुजरात में आवश्यकता पड़ने पर एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें भेजी जाएगी। 
मुख्यमंत्री ने राजकोट में भारी बारिश के कारण आजी-2 बांध की स्थिति के संबंध में जानकारी हासिल कर नीचले इलाकों के लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाने के राजकोट महानगर पालिका आयुक्त और कलक्टर को आदेश दिए। राजकोट में आजी के नीचले इलाकों में रहने वाले 1155 लोगों को सुरक्षित स्थल पर पहुंचाने की जानकारी उन्होंने हासिल की। 
जामनगर जिले की कालावड़ तहसील के बांगा, जोगवड़, वोडीसंग, धुड़ेशिया, कोंजा और अलियाबाड़ा इत्यादि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी रेस्क्यू का कार्य जोरों पर है। जिसके परिणामस्वरूप आलिया बेड़ा गांव में फंसे 25 लोगों, बांगा गांव में 8 लोगों, दुधरेजिया गांव में 8 लोगों, कुंनड गांव में 2 लोगों, दुधाळा कृष्णपुर गांव में 3 लोगों तथा कालावड़ नगर में 20 लोगों को एनडीआरएफ, वायु सेना, अग्निशमन दस्ते और स्थानीय लोगों की मदद से बचाया गया है। 
जामनगर जिला कलक्टर ने बैठक के दौरान कहा कि अभी जामनगर जिले में भारी बारिश के कारण कई बांध ओवरफ्लो हो गए हैं। जिसके अंतर्गत उमिया सागर, आजी, विजरखी, ऊंड और वागड़िया आदि बांधों के छलकने से नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है तथा नदी तट के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में फिलहाल नदी का पानी घुस गया है। 
बैठक में मुख्य सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. राकेश, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव  एम.के. दास, राहत आयुक्त आद्रा अग्रवाल तथा मुख्यमंत्री के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डी.एच. शाह मौजूद थे। 

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