गुजरात : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बनासकांठा के मेमदपुर प्राथमिक स्कूल से कराया 17वें शाला प्रवेशोत्सव का राज्यव्यापी प्रारंभ

मुख्यमंत्री ने गांव के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें इसके लिए उपस्थित सभी लोगों से प्रयासरत रहने का आह्वान किया।

श्रेष्ठ व मजबूत शैक्षणिक व्यवस्थाओं तथा तकनीक के उपयोग से सक्षम बनता है व्यक्ति : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल

मुख्यमंत्री ने गांव के छोर से ग्रामीणों के साथ उत्सवपूर्ण माहौल में बच्चों को स्कूल ले जाकर विधिवत स्कूल प्रवेश कराया
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को बनासकांठा जिले की वडगाम तहसील के मेमदपुर प्राथमिक स्कूल से 17वें कन्या केळवणी महोत्सव और शाला प्रवेशोत्सव का नेतृत्व कर राज्यव्यापी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने मेमदपुर प्राथमिक स्कूल में कक्षा पहली के बच्चों का चॉकलेट से मुंह मीठा कराकर और प्रवेश किट प्रदान कर स्कूल में प्रवेश करवाया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने समग्र राज्य में 23 से 25 जून, 2022 के दौरान शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया है। मुख्यमंत्री ने इस स्कूल के दौरे के दौरान स्कूल व्यवस्थापन समिति के सदस्यों के साथ संवाद कर गांव में शिक्षा की स्थिति की समीक्षा की और उसे और बेहतर बनाने का मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर उन्होंने शाला प्रांगण में पौधरोपण भी किया।
मुख्यमंत्री  भूपेंद्र पटेल ने कहा कि देश के ग्रोथ इंजन गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने राज्य के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सफल प्रयास किए हैं। इस गति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार कार्यरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ ध्येय मंत्र के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष जोर देकर इसे मजबूत बनाया है। मुख्यमंत्री भुपेन्द्र पटेल ने कहा कि यदि समाज में शिक्षा की नींव के मजबूत हो तो हरेक क्षेत्र में आगे बढ़ा जा सकता है और शिक्षा के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर व्यक्ति सक्षम बन सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में स्कूली शिक्षा की स्थिति को बदलने तथा बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को गति देने के लिए नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2003 से शुरू किए गए इस शाला प्रवेशोत्सव के चलते राज्य के स्कूलों में ड्रॉपआउट अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है। 
शाला प्रवेशोत्सव के दौरान शिक्षा कीट देते हुए मुख्यमंत्री भुपेन्द्र पटेल
उन्होंने कहा कि प्रवेशोत्सव से गांव में उत्साह का माहौल बनता है तथा ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों की मुश्किलों को दूर करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे अनेक क्षेत्रों में शिक्षा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने गांव के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें इसके लिए उपस्थित सभी लोगों से प्रयासरत रहने का आह्वान किया। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी दूरदर्शिता से देशवासियों को उत्तम उपचार सुविधा, मुफ्त टीकाकरण तथा जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज मुहैया कराकर इस महामारी से बाहर निकाला है।
गुजरात सरकार ने भी नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए हैं। श्री पटेल ने कहा कि बनासकांठा जिला खेती और पशुपालन पर निर्भर है। राज्य सरकार ने पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों की रोकथाम के लिए पशु स्वास्थ्य मेले आयोजित कर उपचार सुविधाएं प्रदान की हैं। इसके परिणामस्वरूप दूध मंडलियों में दूध की आवक में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और यह 61 मीट्रिक टन से बढ़कर 158 मीट्रिक टन हो गई है। उन्होंने साफ कहा कि वर्तमान सरकार पारिवारिक भाव के साथ नागरिकों के कल्याण में वृद्धि करने को कटिबद्ध है।
बनासकांठा जिला प्रशासन की ओर से शाला प्रवेशोत्सव से एक दिन पूर्व मेमदपुर गांव में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात सरकार स्वयं चलकर विभिन्न योजनाओं का लाभ नागरिकों को हाथों-हाथ पहुंचा रही है। राज्य के सभी जिलों में हरेक नागरिक को सभी योजनाओं का संपूर्ण लाभ प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने लिए सरकार प्रतिबद्ध है। 
छात्रों में स्कूली जीवन से ही शिक्षा के साथ संस्कार का सिंचन करने के लिए छठी कक्षा से पाठ्यक्रम में भगवद् गीता का समावेश किया है : शिक्षा राज्य मंत्री  कीर्तिसिंह वाघेला 
मुख्यमंत्री ने गांव के छोर से ग्रामीणों के साथ उत्सवपूर्ण माहौल में बच्चों को स्कूल ले जाकर विधिवत स्कूल प्रवेश कराया
शिक्षा राज्य मंत्री  कीर्तिसिंह वाघेला ने कहा कि आज से 20 वर्ष पूर्व स्कूलों में ड्रापआउट का अनुपात बहुत ऊंचा था। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दूरदर्शिता के साथ शुरू किए गए शाला प्रवेशोत्सव के कारण आज यह अनुपात नगण्य हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर रहने के लिए नई शिक्षा नीति को लागू कर आगे बढ़ने को प्रयासरत है। छात्रों में स्कूली जीवन से ही शिक्षा के साथ संस्कार का सिंचन करने के लिए छठी कक्षा से पाठ्यक्रम में भगवद् गीता का समावेश किया है। उन्होंने बनासकांठावासियों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने वाली कसरा-दांतीवाड़ा तथा डिंडरोल-मुक्तेश्वर योजना को स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विभिन्न शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने वाली गांव की बेटियों का शील्ड और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मान किया।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री हरिभाई चौधरी, संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष नंदाजी ठाकोर, जिला अध्यक्ष  गुमानसिंह चौहान, अग्रणी सर्वश्री दिलीपभाई वाघेला, सुरेशभाई शाह, हितेशभाई चौधरी, डाह्याभाई पीलियातर, जिला कलक्टर आनंद पटेल, पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाणा, जिला प्राथमिक शिक्षाधिकारी संजयभाई परमार सहित वरिष्ठ अधिकारी, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में 

ग्रामीण उपस्थित रहे।

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