गुजरात : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जामनगरवासियों को समर्पित किया गुजरात का पहला वेस्ट टू एनर्जी प्लांट

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर से वर्चुअल तरीके से ई-लोकार्पण और ई-शिलान्यास किया

वेस्ट टू एनर्जी प्लांट से पर्यावरण संरक्षण के साथ पैदा होगी बिजली : मुख्यमंत्री

‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और सरकार के प्रयासों से जन-जन तक पहुंची विकास की गाथा’
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि जामनगर में 90 करोड़ रुपए की लागत से साकार हुआ गुजरात का पहला अत्याधुनिक वेस्ट टू एनर्जी प्लांट (कूड़े से बिजली बनाने का संयंत्र) पर्यावरण संरक्षण के साथ बिजली उत्पादन की दिशा में अहम कदम है। यह बात उन्होंने स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना, गुजरात शहरी विकास कंपनी (जीयूडीसी), गुजरात शहरी विकास मिशन (जीयूडीएम) तथा 15वें वित्त आयोग के अनुदान के तहत जामनगर में कुल 214 करोड़ रुपए के विभिन्न प्रकल्पों का बुधवार को गांधीनगर से वर्चुअल तरीके से ई-लोकार्पण और ई-शिलान्यास करते हुए कही।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 90 करोड़ रुपए की लागत से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के आधार पर निर्मित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना और जीयूडीसी के अनुदान के अंतर्गत एलसी नं. 199 रेलवे क्रॉसिंग पर 30 करोड़ रुपए के खर्च से तैयार टू-लेन ‘डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर रेलवे ओवरब्रिज’ तथा स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत 8 करोड़ रुपए के खर्च से तैयार नागमती नदी के पुल से हापा मार्केटिंग यार्ड को जोड़ने वाले फोरलेन रोड के लोकार्पण समेत कुल 128 करोड़ रुपए के कार्यों का लोकार्पण किया। श्री पटेल ने 61 करोड़ रुपए के खर्च से डीआई पाइप लाइन के मार्फत जलापूर्ति का कार्य, 15 करोड़ रुपए के खर्च से शहर में विभिन्न स्थानों पर एस्फाल्ट रोड के कार्यों तथा हापा में 10 करोड़ रुपए के खर्च से निर्मित होने वाले शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (यूसीएचसी) के कार्य सहित कुल 86 करोड़ रुपए के कार्यों का ई-शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि जामनगर ने विकास की दिशा में और एक छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन के अंतर्गत सरकार लगातार विकास के कार्य कर रही है तथा विकास की गाथा जन-जन तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि जामनगर में 90 करोड़ रुपए की लागत से साकार हुए गुजरात के पहले अत्याधुनिक और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की दैनिक क्षमता 450 मीट्रिक टन की है। इस वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के जरिए दैनिक 7.5 मेगावाट बिजली उत्पन्न होगी और पर्यावरण का संरक्षण भी होगा। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज के निर्माण से अब यातायात की समस्या नहीं होगी। 
जामनगर के गोरधनपर में विश्व का एकमात्र ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन स्थापित होने जा रहा है। इससे जामनगर और गुजरात को वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि जामनगर में लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं, जिससे लोगों की सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री ने गत 5 वर्षों में राज्य सरकार की ओर से स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए जामनगर को आवंटित 1096 करोड़ रुपए के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जामनगर महानगर पालिका, उपस्थित महानुभावों और शहरीजनों को बधाई दी।
नवनिर्मित ओवरब्रिज से लगभग 1 लाख आबादी को मिलेगी जामनगर शहर के साथ सीधी कनेक्टिविटी : कृषि मंत्री राघवजीभाई पटेल
कृषि, पशुपालन और गौ संवर्धन मंत्री राघवजीभाई पटेल ने कहा कि जामनगर में विकास कार्य अविरत रूप से हो रहे हैं। जामनगर में गुजरात के सर्वप्रथम वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की स्थापना होने से प्रदूषण कम होगा। इसी तरह, ओवरब्रिज बनने से एयरफोर्स तथा रिंग रोड पर विकसित हुई सोसायटियों की लगभग 1 लाख आबादी को जामनगर शहर के साथ सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे समय और ईंधन की भी बचत होगी। इस अवसर पर जामनगर मनपा स्थाई समिति के अध्यक्ष मनीषभाई कटारिया ने स्वागत भाषण दिया। महापौर बीनाबेन कोठारी, विधायक आर.सी. फळदू और धर्मेन्द्रसिंह जाडेजा ने भी अपने विचार व्यक्त किए, जबकि मनपा उपायुक्त  ए.के. वस्ताणी ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में उप महापौर तपनभाई परमार, मनपा आयुक्त विजय खराड़ी, शहर भाजपा अध्यक्ष विमलभाई कगथरा, मनपा शासक पक्ष की नेता कुसुमबेन पंड्या, नेता प्रतिपक्ष आनंदभाई राठोड़, नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के चेयरमैन मनीषभाई कनखरा, महामंत्री प्रकाशभाई बांभणिया, मेरामणभाई भाटु, प्रदेश प्रभारी अभयसिंह चौहान, हिरेनभाई पारेख, चंद्रेशभाई, पश्चिम रेलवे के उप मुख्य अभियंता तुषारभाई मिश्रा, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की कंपनी के अधिकारी, कई पदाधिकारी, अधिकारी, पार्षदगण और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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