गुजरात: जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर सामने आई बड़ी खबर, इस जगह की रथ यात्रा रद्द

अहमदाबाद में रथ यात्रा की फाइल तस्वीर

अहमदाबाद की रथ यात्रा को लेकर संदेह बरकरार

गुजरात राज्य में अहमदाबाद समेत कई शहरों में रथयात्रा का आयोजन होता है। इस बार अहमदाबाद में ऐतिहासिक रथ यात्रा होगी या नहीं इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में अरावली जिले के मोडासा से रथयात्रा को लेकर बड़ी खबर आई। पिछले साल कोरोना महामारी के कारण रोकी गई मोडासा की रथ यात्रा को भी इस साल स्थगित कर दिया गया है। कोरोना के कारण लगातार दूसरे साल रथयात्रा स्थगित की गई है। 38वें साल में दूसरी बार रथयात्रा नहीं होगी। इस बार भी बालकदासजी मंदिर परिसर में ही भगवान के रथ की परिक्रमा कराई जाएगी।
तिथि के अनुसार देखे तो आज जेठ के पूनम का अर्थ जल यात्रा है। जगन्नाथ जी की यात्रा आज से शुरू हो जाती है। आज से रथयात्रा का पहला चरण शुरू हो गया है। साबरमती नदी के तट पर गंगा की पूजा की गयी। इस गंगा पूजन में उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल और गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा मौजूद थे। इसमें 108 कलश में जल लाकर भगवान का अभिषेक किया गया।
अब पहली बार जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीपदासजी का रथयात्रा को लेकर बयान सामने आया है। रथयात्रा का समय परिस्थितियों को देखते हुए तय करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि अहमदाबाद में 143 साल से मंदिर के आसपास अनेरो महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है। । जगन्नाथ मंदिर में टेलीमेडिसिन और टीकाकरण अभियान चलाया गया है। ऐतिहासिक जलयात्रा पूरी हो गई है। भगवान का जल अभिषेक किया गया है। रथयात्रा का निर्णय अगले दिन किया जायेगा। ट्रस्ट के सहयोग से रथयात्रा निकाली जाएगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा था कि सरकार फिलहाल रथ यात्रा को लेकर कोई फैसला नहीं लेना चाहती है। उचित समय पर रथयात्रा का निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में इस साल भारत में जगन्नाथपुरी के बाद दूसरी सबसे प्रसिद्ध अहमदाबाद रथ यात्रा की जाएगी या नहीं इस पर अटकलें फिर से शुरू हो गई हैं। जगन्नाथ मंदिर के मनहट दिलीप दासजी भी चाहते हैं कि रथ यात्रा शुरू हो। हालांकि, आईबी की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि कोरोना की पहली लहर और दूसरी लहर में जानमाल के भारी नुकसान के बाद जिस तरह से लापरवाही सामने आई, जरूरी है कि संभावित तीसरी लहर से बचा जा सके।  सेंट्रल आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) ने इस संबंध में एक रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार और राज्य सरकार को सौंप दी है। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि न केवल अहमदाबाद की रथयात्रा बल्कि राज्य के सभी रथयात्रा और जन्माष्टमी मेलों को भी रद्द कर दिया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार 24 जून के बाद केवल मंदिर परिसर में ही रथयात्रा निकालने की घोषणा कर सकती है।

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