गुजरात : जनसमस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के सारे दरवाजे खोल दिए : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने ‘सुशासन के 121 दिवस’ आत्मनिर्भर गुजरात से आत्मनिर्भर भारत पुस्तिका को किया लॉन्च

भूपेंद्र पटेल के निडर, मजबूत और निर्णायक नेतृत्व में ‘टीम गुजरात’ ने 121 दिनों में गुजरात के चौतरफा विकास का मार्ग प्रशस्त किया

मुख्यमंत्री ने ‘सुशासन के 121 दिवस’ आत्मनिर्भर गुजरात से आत्मनिर्भर भारत पुस्तिका को किया लॉन्च 
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि शासन दायित्व संभालने के पहले ही दिन से उनकी पूरी टीम ने जन समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के सारे दरवाजे खोल दिए हैं। उनके नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में त्वरित निर्णय और सिलसिलेवार जनहित कार्यों से सुशासन की नई परिभाषा लिखी है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मौजूदा राज्य सरकार की जनसेवा यात्रा और सुशासन के सफल 121 दिन पूरे होने के अवसर पर सोमवार को गांधीनगर स्थित स्वर्णिम संकुल में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘सुशासन के 121 दिवस’ पुस्तिका को लॉन्च करते हुए उन्होंने यह बात कही।  
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जनता-जनार्दन की सेवा करने के लिए उनके टीम को मिले अवसर और राज्य की विकास यात्रा को उज्ज्वल बनाने की परिश्रम-यात्रा की सफलता का श्रेय गुजरात के सभी नागरिकों के चरणों में समर्पित किया है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री  राजेंद्रभाई त्रिवेदी, शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव  के. कैलाशनाथन, मुख्य सचिव पंकज कुमार और कई वरिष्ठ सचिवों सहित मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनकी नई ‘टीम गुजरात’ की मंशा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिखाए सुशासन के पथ पर चलते हुए सभी को साथ रखकर, सभी के लिए चौतरफा विकास के संकल्प को साकार करने की है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनकी टीम साफ नीयत और नेक नीति से परिश्रम करते हुए पल-पल और क्षण-क्षण को राज्य की भलाई के लिए खपा देने को तत्पर है। श्री पटेल ने ‘आत्मनिर्भर गुजरात से आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के मंत्र के साथ कृषि, उद्योग, सेवा और समाज कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में 121 दिनों के दौरान गुजरात की गति-प्रगति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 
राज्य में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाने के उपाय और कार्यों के लिए की जाएगी 100 करोड़ रुपए की फंडिंग 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दो लाख किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है और आदिवासी बहुल डांग जिला संपूर्ण प्राकृतिक खेती वाला राज्य का पहला जिला बना है। उन्होंने यह घोषणा भी की कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती के दायरे का विस्तार करने के लिए 100 करोड़ रुपए की फंडिंग के साथ आगामी दिनों में ग्रामीण स्तर पर किसान तालीम कार्यक्रम, कृषि शिविर, गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाएं और मास्टर ट्रेनिंग आदि सुविधाएं विकसित करने की कार्य योजना बनाएगी। 
सितंबर, 2022 तक पूरे गुजरात को सौ फीसदी ‘नल से जल’ युक्त राज्य बनाने का संकल्प 
उन्होंने संकल्प जताया कि देश के प्रत्येक घर को नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए ‘नल से जल’ की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना के अंतर्गत पूरे गुजरात का अगले सितंबर, 2022 तक समावेश कर राज्य को सौ फीसदी नल से जल युक्त राज्य बनाएंगे। भूपेंद्र पटेल ने कहा कि डांग, मोरबी, गिर सोमनाथ, जूनागढ़, जामनगर और कच्छ सहित राज्य के छह अतिरिक्त जिलों को आगामी 31 जनवरी, 2022 तक शत प्रतिशत ‘नल से जल’ के अंतर्गत शामिल कर लिया जाएगा। इन छह जिलों के साथ राज्य में कुल 13 जिले पूरी तरह से नल-जल युक्त जिले हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी का संकट हो या फिर किसी अन्य प्राकृतिक आपदा का कहर, जनता के साथ खड़े रहकर उसे दिलासा और सहारा देने का सेवा धर्म निभाते हुए उनकी ‘टीम गुजरात’ अहर्निश तत्पर रही है। 
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने  किसानों और मछुआरों को दी गई राहत का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में हुई बेमौसमी बारिश के चलते किसानों को पहुंचे नुकसान के एवज में दो चरणों में 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक के कृषि सहायता पैकेज का लाभ 1530 प्रभावित गांवों के 5.06 लाख किसानों को दिया है। इसके साथ ही मछुआरों को भी 265 लाख रुपए के सहायता पैकेज का लाभ दिया गया है। 
जनसेवा के कार्यों के लिए प्रबल संकल्प, अडिग आत्मविश्वास और अटूट जज्बे से विकास यात्रा को लगातार आगे बढ़ाने का मुख्यमंत्री का आह्वान
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने यह जानकारी भी दी कि 121 दिनों के जनहितकारी शासन के दौरान जनाभिमुख प्रशासन और लोगों के कामकाज को आसान बनाने के लिए अनेक निर्णय किए गए हैं। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों के बीच हुई सुशासन की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की समग्र रैंकिंग में गुजरात ने पूरे देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। यही नहीं, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन को सुशासन सप्ताह के रूप में मनाते हुए विभिन्न विकासपरक कार्यों के मार्फत जनता को लाभ देने के मामले में भी गुजरात आगे रहा है। 
मुख्यमंत्री ने उनकी सरकार द्वारा किए गए जनहित के निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑनलाइन सूचना का अधिकार (आरटीआई) पोर्टल लॉन्च कर जनता की समस्याओं और शिकायतों को लेकर सजग रवैया अपनाया है। राजस्व सेवाओं का सरलीकरण कर 3.63 लाख नागरिकों के लिए ‘ई-हस्ताक्षर’ के जरिए राजस्व अभिलेख उपलब्ध कराए हैं। निर्धारित सरकारी सेवाओं में शपथ पत्र से मुक्ति देकर स्वप्रमाणित घोषणा पत्र को मान्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय किया है। डिजिटली प्रमाणित प्रॉपर्टी कार्ड को ऑनलाइन तरीके से नागरिकों को देने का निर्णय किया है। इसी तरह, गैर कृषि के आदेशों की मंजूरी के बाद निर्माण कार्यों से संबंधित समय सीमा को दूर किया है। भू-राजस्व संहिता की धारा-73 एए की मंजूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। सरकार के विभागों के बीच आपसी समन्वय के लिए ‘ई-सरकार’ पोर्टल की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-मुख्यमंत्री अमृतम (पीएमजेएवाई-एमए) योजना के लाभार्थियों को पटवारी की ओर से दिए जाने वाले आय प्रमाण पत्रों को तीन वर्ष तक वैध रखने का अहम निर्णय उनकी सरकार ने किया है। 
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में 9 करोड़ 46 लाख से अधिक कोरोना टीके की डोज से नागरिकों को सुरक्षित किया गया है। ‘पर मिलियन वैक्सीनेशन’ यानी प्रति दस लाख की आबादी पर टीका लगाने के मामले में गुजरात अग्रसर है। राज्य में गैर संक्रामक रोगों के निदान की स्क्रीनिंग से लेकर उपचार तक का महाअभियान शुरू किया गया है। 
उन्होंने कहा कि गुजरात में लगभग 1 करोड़ प्रधानमंत्री ‘पीएमजेएवाई-एमए’ कार्ड देने के साथ ही प्रधानमंत्री की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ लक्षित लाभार्थियों को पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने समयबद्ध कार्ययोजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने यह संकल्प व्यक्त किया कि उनकी नई ‘टीम गुजरात’ ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के लक्ष्य के साथ जनसेवा के प्रबल संकल्प, अडिग आत्मविश्वास और अटूट जज्बे के साथ कर्तव्यरत रहने को प्रतिबद्ध है। 

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