गुजरातः दाहोद में महिलाओं के लिए संकटमोचक बनी अभयम, 3287 महिलाओं की सहायता की

अनुकरणीय कार्य कर रही है दाहोद जिले में अभय टीम

अभयम को जिले में मदद के लिए 15894 फोन आए, हिंसा की शिकार महिलाओं को बचाने के लिए अभयम की टीम तुरंत पहुंच गई

दाहोद जिले में अभय टीम अनुकरणीय कार्य कर रही है। अभयम महिलाओं सहित बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, युवा महिलाओं, किशोरों के लिए विशेष मामलों में संकट मोचक बन सामने आता है। बाल विवाह को रोकने, बच्चों की पढ़ाई शुरू करने  तथा किशोरावस्था के प्रश्नों में समझ से प्रश्नों को हल किया जाता है।
दाहोद जिले में अभयम शुरू होने के बाद से अब तक 15894  कॉल आ चुकी हैं। जिसमें से 3287 गंभीर मामलों में अभयम ने रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचकर महिलाओं की मदद की। गुजरात सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग, गृह विभाग, राज्य महिला आयोग द्वारा संचालित 181 महिला हेल्पलाइन महिलाओं को दिन-प्रतिदिन त्वरित सहायता, मार्गदर्शन और बचाव कार्य प्राप्त कर रही है। गुजरात सरकार की इस नवोन्मेषी हेल्पलाइन से महिलाएं सुरक्षित महसूस कर रही हैं और महिलाओं की सच्ची दयालु मित्र बन रही हैं।
इसके अलावा दाहोद जिले में घरेलू हिंसा के 6284 मामले, शारीरिक उत्पीड़न के 2000 मामले, कानूनी उत्पीड़न के 340 मामले, विवाहेतर संबंधों के 337 मामले, टेलीफोन उत्पीड़न के 273 मामले, अन्य संबंधों में उत्पीड़न के 234 मामले, बेघर होने के 174 मामले,  मानसिक तनाव के 118, मानसिक अस्थिर के 22 मामले,  मामले साइबर से जुड़े11 मामलों, वित्तीय लेनदेन से जुड़े 278, उत्पीड़न के 61 तथा लेनदेन के 84 मामलों का समावेश है। 181 अभय महिला हेल्पलाइन ने महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के माध्यम से दाहोद की महिलाओं का विश्वास अर्जित किया है।
गुजरात के सभी जिलों में कार्यरत अभयम सेवा जहां सुशासन के क्षेत्र में नेक सेवाएं प्रदान कर रही है, वहीं दाहोद जिले में भी इसका कार्य अनुकरणीय हो गया है। लोगों की शंकाओं का शीघ्र समाधान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित 181 महिला हेल्पलाइन प्रौद्योगिकी के माध्यम से त्वरित सेवाएं प्रदान कर लोगों के प्रश्नों का निराकरण किया जाता है। ।
अभयम की राज्य में वर्ष 2015 से शुरुआत हुई है। तभी से जब राज्य के हर जिले में हर दिन महिलाओं को अभय की मदद से अपने जीवन की समस्याओं और कठिनाइयों से राहत मिलती है। प्रभावी परामर्श के माध्यम से महिलाओं की शारीरिक, मानसिक या यौन समस्याओं और घरेलू हिंसा का समाधान सौहार्दपूर्ण ढंग से किया जाता है। अत्यधिक हिंसा एवं प्रताड़ना की स्थिति में पुलिस, महिला एवं बाल विकास कार्यालय, महिला आश्रय, नि:शुल्क कानूनी सहायता आदि के माध्यम से महिलाओं के मुद्दों को न्याय दिलाने के लिए जिला अभयम टीम की प्रतिबद्धता काबिले तारीफ है।

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