गुजरात : पानी समझ कर गलती से एसिड पी गया था नन्हां बच्चा, ऐसे हुआ ईलाज

(Photo Credit : divyabhaskar.co.in)

माँ बाप की आर्थिक स्थिति नहीं थी ठीक तो दुबई स्थित अस्पताल के पुराने ग्राहक ने उठाया पूरा खर्चा

बच्चे मतलब शैतानी का दूसरा रूप। शैतानी करते हुये बच्चे किसी के भी बस में नहीं रहते। हालांकि इसी शैतानी के कारण वह आगे भी बढ़ते है, तो कई बार यही शैतानी उनके लिए और माता-पिता के लिए बड़े सबक का कारण भी बन सकती है। कुछ ऐसा ही हुआ गुजरात के बोटाद स्थित एक परिवार के साथ, जिनके बालक के मस्ती में ही पानी की बोतल में भरा एसिड पी लिया था। 
विस्तृत जानकारी के अनुसार, बोटाद के बरवाला में काम करने वाले और खेतीकम करके अपना गुजारा करने वाले परिवार के 3 वर्षीय बालक ने गलती से पानी की बोतल में भरे एसिड को पानी समज कर पी लिया था। जिसके चलते परिवार उसे पहले बरवाला, फिर भावनगर और अंत में अहमदाबाद ले गए थे। जहां एक निजी अस्पताल में उसका ऑपरेशन किया गया था। डॉक्टरों ने बालक की अन्ननली में से 2 सेंटीमीटर जितना हिस्सा निकालकर बालक का सफल ऑपरेशन किया था। 
बालक का ओपरेशन जिस अस्पताल में हुआ था उस अमरदीप अस्पताल के बालसर्जन अस्पताल के डॉ अनिरुद्ध शाह ने बताया कि बालक ने पानी समजकर एसिड पी लिया था। जिसके चलते उसे वरवाला और भावनगर की अस्पताल ले जाया गया था। जहां 10 दिनों तक ऑक्सीज़न पर रखे जाने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि बालक को अभी भी खाना खाने में तकलीफ हो रही थी। जिसके चलते दूरबीन से जांच करने पर पता चला की अन्ननली का 2 सेंटीमीटर का हिस्सा  सिकुड़ गया है। जिसके चलते उसे अहमदाबाद लाकर एंडोस्कोपी करवाई गई। 
हालांकि इसके चलते परिवार आर्थिक रूप से काफी परेशान हो गया था, जिसके बाद वह उनके यहा आया था। यहा उन्होंने एंडोस्कोपी कर छाती खोलकर अन्ननली का दो सेंटीमीटर का हिस्सा निकाल दिया था। हालांकि यह प्रक्रिया काफी महंगी थी, जिसके चलते दुबई स्थित उनके एक पुराने मरीज ने बालक का पूरा खर्च उठा कर मानवता का उदाहरण दिया था। इसके अलावा डॉक्टर ने अन्य लोगों को भी सावधान करते हुये बालकों से एसिड, आलकली, ब्लीचिंग पानी जैसी चीजें बालकों से दूर रखने के लिए कहा था। उन्होंने कहा 2 साल से 4 साल के बालक अधिकतर गलती से यह चीजें पानी समजकर पी जाते है। जिसमें आए केमिकल न्यूमोनिया, मुंह में छाले, अन्ननली में छेद जैसी परिस्थिति उत्पन्न कर सकते है। 

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