भारत में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के ओर अग्रसर भारत सरकार

प्रतिकारात्मक तस्वीर (Photo: pixabay..com)

15 अगस्त को प्रधानमंत्री कर सकते इस संबंध में घोषणा

कोरोना काल के बाद दुनिया के तमाम देश स्वास्थ्य क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।ऐसी कई बीमारियां हैं, जिनके इलाज के लिए विदेशी मरीज भारत आते रहते हैं, जिसके लिए अब भारत सरकार भारत में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
आपको बता दें कि सरकार देश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। ऐसे में अनुमान है कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री इस संबंध में घोषणा कर सकते हैं, जिसके अनुसार 10 हवाई अड्डों पर दुभाषियों और विशेष कर्तव्यों के साथ एक बहुभाषी पोर्टल भी शुरू किया जा सकता है। इन हवाई अड्डों में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कलकत्ता, विशाखापत्तनम, कोच्चि, अहमदाबाद, हैदराबाद और गुवाहाटी शामिल हैं। इस एयरपोर्ट पर ज्यादा विदेशी मरीज आते हैं।
साथ ही बता दें कि मेडिकल टूरिज्म के लिए वीजा नियमों में भी ढील दी जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय विदेशी मरीजों की सुविधा के लिए अपनी पहल और उपायों को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रहा है। एक अनुमान के मुताबिक 2020 में भारत का मेडिकल टूरिज्म मार्केट छह अरब डॉलर का था। इसके 2026 तक दोगुना होकर 13 अरब डॉलर होने का अनुमान है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से एक बहुभाषी पोर्टल विकसित किया है। यह पोर्टल मेडिकल ट्रैवल फैसिलिटेटर्स और अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए विदेशी मरीजों के लिए एक इंटरफेस के साथ वन-स्टॉप शॉप होगा।
सूत्रों के मुताबिक सरकार ने 44 देशों की पहचान की है जहां से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए भारत आते हैं। इन देशों में इलाज की लागत और गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की जा रही है। इन देशों में प्रमुख अफ्रीका, सार्क और खाड़ी देश हैं। पोर्टल वर्गीकृत और आधुनिक प्रणाली सहित अस्पतालों को दवाओं की विभिन्न प्रणालियों के आधार पर मानकीकृत पैकेज दरों को भी प्रदर्शित करेगा।

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