भारतीय गणतंत्र दिवस पर भारतीय रंगों में रंगा गूगल, खास डूडल के साथ दे रहा शुभकामनाएं

गूगल ने भारत के इस विशेष दिन पर एक खास डूडल बना कर भारत की संस्कृति और विरासत की झलक का प्रदर्शन किया

आज भारत अपना 73वें गणतंत्र दिवस बड़े ही उत्साह से मना रहा है। गणतंत्र दिवस के इस मौके पर गूगल भी भारत के रंगों में रंगा नजर आया। गूगल ने भारत के इस विशेष दिन पर एक खास डूडल बना कर भारत की संस्कृति और विरासत की झलक का प्रदर्शन किया है। इसे देखकर हर कोई बेहतरीन महसूस कर रहा है।
ये कोई पहला मौका नहीं जब गूगल ने ऐसा किया है। गूगल अक्सर ऐसे प्रयोग करता रहता हैं। गूगल ने बीते साल 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर डूडल में देश की कई संस्कृतियों की झलक देकर पेश किया था। वहीं, 71वें गणतंत्र दिवस पर भी भारतीय संस्कृति की झलक दिखाते हुए उसे रंग बिरंगा डूडल बनाकर दिखाया था। साथ ही बीते सालो में बनाए गए डूडल में राष्ट्रीय पक्षी मोर, कला समेत नृत्य भी देखने को मिला है।  26 जनवरी के दुनिया भारत की संस्कृति विरासत, सैन्य ताकत और विकास की झलक देखती है जो हर भारतीय के लिए एक गर्व वाली बात होती है। गूगल डूडल में परेड के जानवर, हाथी, घोड़े, कुत्ते, ऊंट के साथ-साथ लाल तबला, परेड स्थल, सैक्सोफोन, कबूतर, तिरंगा शामिल है।
आपको बता दें कि हर साल गणतंत्र दिवस चार दिनों तक मनाया जाता है, इस दौरान 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी मनाई जाती है। स्वतंत्रता सेनानियों की बहादुरी, बलिदान को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान याद किया जाता है। साथ ही दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के इस पर्व को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान राजपथ पर कई झलकियां ली जाती हैं, जिसमें स्थानीय नर्तक प्रदर्शन करते हैं। इतना ही नहीं, विभिन्न राज्यों की सरकारें भी इस सिंहावलोकन में भाग लेती हैं और अपने राज्य की संस्कृति, परंपराओं आदि को दिखाती हैं।
गौरतलब है कि आज ही के दिन 1950 में भारत ने अपने संविधान को अधिकारिक रूप से लागु कर पुर स्वराज स्थापित कर लिया था. देश का पहला गणतंत्र दिवस 1950 को मनाया गया था. उस दिन तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने 1 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण किया था और भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया था। 26 जनवरी 1950 की सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत गणतंत्र बना था। ठीक 6 मिनट बाद यानी 10 बजकर 24 मिनट बाद डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली। फिर दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद बग्घी में सवार होकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे।

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