जानें कोरोना के नये वेरिएंट डेल्टा प्लस को लेकर क्या कहते हैँ विशेषज्ञ

(Photo : IANS)

सीएसआईआर आईबी के वैज्ञानिक विनोद स्कारिया ने रविवार को ट्वीट कर दी जानकारी

देश भर में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। लगातार बढ़ रहे संक्रमण के कारण अस्पतालों में ऑक्सीज़न और बेड की कमी के भी कई किस्से सामने आए थे। देश भर में कोहराम मचा रहे कोरोना वायरस के इस समूह को डेल्टा वायरस के नाम से जाना गया। हालांकि अब वायरस के इस प्रकार ने भी अपना नया स्वरूप लिए होने की बातें सामने आई है। बता दे की देश भर में फैली कोरोना की पहली लहर के दौरान जो वायरस देखने मिले थे, दूसरी लहर के दौरान उन वायरस के स्वरूप में बदलाव देखने मिला था। जिसके चलते संक्रमण का दर और उसके फैलने की रफ्तार दोनों में तेजी आई थी। 
ऐसे में वायरस के एक बार और स्वरूप बदले होने की खबरों ने लोगों में और भी चिंता बढ़ा दी है। वायरस के इस नए स्वरूप को डेल्टा प्लस नाम दिया गया है। ऐसे में लोगों का डर है कि क्या वायरस का यह नया स्वरूप ही कोरोना की तीसरी लहर का कारण बनेगा। ऐसे में काउंसिल ऑफ सायंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च इंस्टीट्यूट एंड एंटीग्रेटव बायोलॉजी के निर्देशक डॉ अनुराग अग्रवाल ने कहा की फिलहाल इस वायरस को लेकर भारत में किसी को चिंता करने की जरूरत नही है। हालांकि इसके बावजूद वह वैक्सीन के दोनों डोज़ ले चुके व्यक्ति के ब्लड प्लाज्मा के साथ इस वायरस का परीक्षण करेंगे। जिससे यह जाना जा सकेगा कि वैक्सीन कि सहायता से इस वेरियंट को हराया जा सकेगा या नहीं।  
प्रतिकात्मक तस्वीर

दिल्ली स्थिति सीएसआईआर आईबी के वैज्ञानिक विनोद स्कारिया ने रविवार को ट्वीट कर के इस बार में जानकारी देते हुये कहा कि बी.617.2 के अंदर के417एन के उत्परिवर्तन के कारण यह नया वायरस बना है। जिसे डेल्टा प्लस के नाम से जाना जा रहा है। इसके अलावा रोगप्रतिरोधक शक्ति के विशेषज्ञ डॉक्टर विनीता बल के अनुसार वायरस के नए वेरिएंट के कारण एंटीबॉडी कॉकटेल के प्रयोग को काफी झटका लगा है। बता दे कि महामारी की दूसरी लहर के दौरान वायरस का डेल्टा स्वरूप  ही संक्रमण फैलने के लिए खास कारण माना जाता है। हालांकि फिलहाल इस वेरिएंट के अधिक केस देखने नहीं मिले है। 

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