एलन मस्क ने बंदर के दिमाग में चिप फिट की, वो गेम खेलने लगा!

(Photo Credit : youtube.com)

न्यूरालिंक प्रोडक्ट की मदद किया लकवाग्रस्त इंसान भी कर सकेगे स्मार्टफोन का इस्तेमाल

आपने बंदरों को बहुत से करतब करते हुए देखा होगा। अब आने वाले दिनों में बंदर अपने दिमाग का प्रयोग करते हुए वीडियो गेम भी खेलते नजर आएंगे। जी हाँ सही समज रहे है आप, बंदर और विडियो गेम! इसके लिए टेस्ला के सीईओ एलॉन मस्क ने एक ऐसी माइंड रीडिंग चिप तैयार की है जिससे आपके दिमाग में क्या चल रहा इसका भी पता लगाया जा सकेगा। दरअसल एलॉन मस्क की ह्यूमन कंप्यूटर इंटरफेस कंपनी, न्यूरालिंक माइंड रीडिंग चिप बनाने जा रही है जिससे इंसान के दिमाग को कंप्यूकटर से जोड़ा जा सकेगा।
इसके साथ ही इस कंपनी ने एक बंदर पागेर (Pager) के कम्प्युटर पर वीडियो गेम खेलने का वीडियो जारी किया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। एलन मस्क ने भी इस बंदर के वीडियो गेम खेलने के वीडियो को शेयर किया है। जानकारी के अनुसार इस वीडियो को रेकॉर्ड करने के 6 सप्ताह पहले बंदर के अंदर न्यूरालिंक चिप को लगाया गया था।न्यूरालिंक एक कंपनी है जो लोगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए मानव-कंप्यूटर इंटरफेस पर केंद्रित है। एलॉन मस्क ने दावा किया कि अधिकारियों ने बंदर की खोपड़ी में एक कंप्यूटर चिप लगाई है और इसे "छोटे तारों" का इस्तेमाल किया है।
विडियो में देख सकते है की पहले बंदर एक जॉयस्टिक से ऑन स्क्रीन गेम खेल रहा है। न्यूयरोलिंक ने मशीन लर्निंग और उसके हाथों की हलचलों की मदद से यह जान लिया कि यह बंदर चौकोर रगीन बॉक्सन को कहां ले जाएगा।
इस बारे में एलन मस्क ने कहा, 'यह बंदर (पोंग) ब्रेन चिप की मदद से अपने दिमाग से वीडियो गेम खेल रहा है।' उनके इस ट्वीट को अब तक कई हजार लोग लाइक कर चुके हैं और 3 हजार से ज्यादा कॉमेंट आए हैं। साथ ही अपने एक अन्य ट्वीट में एलन मस्क ने बताया कि पहला न्यूरालिंक प्रॉडक्ट किसी लकवाग्रस्तन व्यक्ति को स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की ताकत देगा। वह भी उंगलियों से इस्तेमाल की तुलना में ऐसा व्यक्ति अपने दिमाग से ज्याादा तेजी से स्मार्टफोन चला सकेगा। इसके बाद के चरण में ऐसे लोगों को चलने के बारे में प्रेरित किया जाएगा। दरअसल न्यूरालिंक सालों से जानवरों पर न्यूरल इंटरफेस का टेस्ट कर रही है। मस्क ने कहा कि हम जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या भविष्य में हम बंदरों के साथ वीडियो गेम खेल सकते हैं। अगर ऐसा संभव हुआ तो बहुत ही बड़ी सफलता होगी।

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