गुजरात की सड़कों पर आने वाले चंद वर्षों में होने वाली है ई-व्हीकल क्रांति!

(Photo : IANS)

इसके लिए राज्य सरकार ने लागु किया गुजरात इलेक्ट्रिक पॉलिसी-2021

बढ़ती महंगाई के बीच बढ़ते पेट्रोल-डीजल के महंगे दामों के बाद अब लोग ई-वाहनों की तरफ रुख कर रहे हैं। इस संबंध में राज्य सरकार ने भी अगले चार साल में गुजरात की सड़कों पर दो लाख ई-वाहन चलाने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण को बनाए रखने के उद्देश्य से गुजरात इलेक्ट्रिक पॉलिसी-2021 की घोषणा की है। राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 20,000 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी देने का फैसला किया है।
आपको बता दें कि गुजरात इलेक्ट्रिक पॉलिसी-2021 की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उम्मीद जताई कि इस नीति से ई-वाहनों की नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा. इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने, इसे ई-वाहन उपकरण के उत्पादन के लिए एक विनिर्माण केंद्र बनाने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में युवा स्टार्टअप और निवेशकों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। आगे के चार सैलून में सड़कों पर दो लाख जितने ई वाहन दौड़ते हुए दिखाई देंगे जिनमे1.10 लाख बाइक, 70 हजार तीन पहिया और 20 हजार चार पहिया वाहन होंगे। इस ई-व्हीलर की प्रति किमी खपत की लागत अन्य वाहनों की तुलना में 30-50 प्रतिशत कम है। एक अनुमान के अनुसार चार लाख ई-वाहनों की खपत से ईंधन में 5 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह देखते हुए कि 6 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। रूपानी ने कहा कि ई-वाहनों की खरीद के लिए 10,000 रुपये प्रति किलोवाट की सब्सिडी दी जाएगी। गुजरात पूरे देश में प्रति किलोवाट सब्सिडी देने में अग्रणी राज्य है।
आपको बता दें कि इस सब्सिडी से गुजरात सरकार पर 870 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर के लिए 20,000 रुपये, थ्री व्हीलर के लिए 50,000 रुपये और फोर व्हीलर के लिए 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। वर्तमान में गुजरात में 278 चार्जिंग स्टेशन हैं, जबकि आने वाले दिनों में 250 और चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए 25 प्रतिशत की पूंजी सब्सिडी भी दी जाएगी। पूरे राज्य में 528 चार्जिंग स्टेशनों का बुनियादी ढांचा स्थापित किया जाएगा। आवास एवं व्यवसायिक निर्माणों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। गुजरात औद्योगिक नीति सहित अन्य नीतियों के तहत ई-वाहन निर्माताओं को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने इस नीति के प्रभावी नियोजन, क्रियान्वयन और समीक्षा की जिम्मेदारी बंदरगाह-वाहन लेनदेन विभाग को सौंपी है।
गौरतलब है कि गुजरात इलेक्ट्रिक पॉलिसी-2021 के अनुसार ई-वाहन को आरटीओ वाहन पंजीकरण शुल्क से छूट मिलेगा. ई-वाहन की खरीद के लिए सब्सिडी की राशि सीधे ई-वाहन खरीदार के बैंक खाते में जमा की जाएगी।

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