जल्द ही आपके घरों तक ड्रोन पहुंचाएगा डिलीवरी, जानिए क्या है इसकी तैयारी

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

फ़ूड डिलीवरी एप स्विगी ने गरुड़ एयरोस्पेस के साथ ड्रोन के जरिए दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु जैसे शहरों में किराना का सामान पहुंचाने के लिए साझेदारी की है

आज के समय हमारा जीवन पूरी तरह तकनीक के अधीन होता जा रहा हैं. हर चीजों के स्वरुप में बदलाव देखा जा रहा हैं. आज के समय ऑनलाइन शौपिंग (खाने से लेकर अन्य जीवनयापन के साधन) और ऑनलाइन डिलीवरी हमारे जीवन का बहुत अहम हिस्सा बन चुका हैं. अब आने वाले दिनों में इन चीजों के स्वरुप में बड़े बदलाव हो रहे हैं और अब बहुत जल्द  आपके घर तक किराना का सामान ड्रोन के जरिए पहुंचेगा। भारत में लोकप्रिय फ़ूड डिलीवरी एप स्विगी ने गरुड़ एयरोस्पेस के साथ ड्रोन के जरिए  दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु जैसे शहरों में किराना का सामान पहुंचाने के लिए साझेदारी की है, जिसका ट्रायल की तैयारी तेजी पर है। इस पायलट प्रोजेक्ट के जरिए स्विगी की ग्रॉसरी डिलीवरी सर्विस इंस्टामार्ट में ड्रोन के इस्तेमाल की जरूरत का आकलन किया जा सकेगा।
न्यूटज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, गरुड़ एयरोस्पेस ने कहा है कि स्विगी ने इसके लिए उससे रिक्वेरस्ट  की थी। एक प्रपोजल भेजा गया था। गरुड़ एयरोस्पेस के फाउंडर CEO अग्निश्वर जयप्रकाश ने इस पार्टनरशिप को ‘ड्रोन से डिलीवरी में एक नए युग की सुबह' कहा है। इस बारे में जानकारी देते हुए एक ब्लॉग पोस्ट में स्विगी ने कहा है कि डिलीवरी पार्टनर ‘कॉमन पॉइंट' से ऑर्डर लेगा और उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाएगा। फूड डिलिवरी सर्विस प्रोवाइडर स्विगी ने पिछले साल स्विगी वन नाम से एक अपग्रेडेड मेंबरशिप प्रोग्राम शुरू किया हैं, जिसकी कीमत पहले तीन महीनों के लिए 299 रुपये और पूरे वर्ष के लिए 899 रुपये है। सब्सक्रिप्शन प्लान मेंबर्स को फूड, ग्रोसरी आदि कई चीजों के लिए सभी ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म की सर्विसेज में मुफ्त डिलीवरी, डिस्काउंट और कई तरह के बेनिफिट देता है।
बता दें कि गरुड़ एयरोस्पेस काफी तेजी से सुर्खियां बटोर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा गुड़गांव और चेन्नई में इसकी मैन्यु फैक्चडरिंग फैसिलिटीज का उद्घाटन किया जा चुका है। कंपनी के अनुसार, 250 मिलियन डॉलर (लगभग 1,910 करोड़ रुपये) की वैल्यूस के साथ गरुड़ एयरोस्पेस देश की सबसे वैल्यू एबल ड्रोन स्टार्टअप है। कंपनी की योजना साल 2024 तक 1,00,000 स्वदेशी ड्रोन बनाने की है। यह पूरी तरह से इंडिया में तैयार होंगे।

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