धोलेरा स्मार्ट सिटी परियोजना : देश की प्रथम मानव निर्मित नदी का निर्माण

अंबरीष परांजिया, डायेरक्टर, गेप एसोसिऐट

भारत के आधुनिक इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय - अंबरीष परांजिया

पिछले कुछ वर्षों में यह चर्चा अथवा कल्पना स्थापित रूप से होने लगी है कि अगला विश्व युद्ध जल को लेकर होगा। 'जल ही जीवन है' यह उद्घोष तो अब अवसरानुसार बच्चा-बच्चा करता रहता है। हिन्दू मान्यताओं में तो हर प्रकार के अनुष्ठान में जल एक महत्वपूर्ण अंग है। भारत के इतिहास में राजा सगर के पुत्रों को उनके वंशज भगीरथ ने गंगा को धरती पर लाकर मुक्ति दिलाई थी। यमुना के जल की शुद्धि के लिए भगवान श्रीकृष्ण कालिया नाग का मर्दन करने के लिए यमुना के भीतर तक चले गए थे। कहने का भाव है जल का महत्व शब्दों में व्यक्त करना दुष्कर कार्य है। वर्तमान समय में जल संकट से जूझती हुई मानवता और देश विदेश के सरकारों को अनेक सुचना के माध्यमों से देखा जा सकता है। भारत में भी जलसंकट की स्थिति भयाभय हो जाती है। लेकिन देश का एक राज्य गुजरात है जहाँ पर देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्णिम स्वप्न को साकार करते हुए ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी धोलेरा सर में 'आर्टिफिशियल रिवर' (कृत्रिम नदी) के निर्माण कार्य को पूरा किया है। वर्ष 2021 इस कृत्रिम नदी का प्राकट्य वर्ष है और इस बरसात में हुई बारिश के जल से यह कृत्रिम नदी अपने पुरे यौवन पर है। एक तरफ जहाँ सम्पूर्ण विश्व कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के संकट से जूझ रहा है वहीं नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इस महामारी से देश को जनता को बचाते हुए कृत्रिम नदी के निर्माण जैसा आश्चर्यजनक उद्यम करके दिखाता है। कोरोना महामारी के कारण एक तरफ जहाँ चीन, अमेरिका और ब्रिटेन जैसी वैश्विक आर्थिक महासत्ताओ का जीडीपी अवनयनोमुख है वहीं भारत कृत्रिम नदी जैसे मील के पत्थर स्थापित कर रहा है।
गुजरात भौगोलिक दृष्टि से एक शुष्क प्रदेश है, जल संकट होना बड़ी सामान्य बात मानी जाती रही है। लेकिन इस जल संकट के दुष्प्रभाव ऐसे होते आये हैं जिनको शब्दों में व्यक्त करना कठिन कार्य है। लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्री काल में  अरब सागर के तट पर बसे गुजरात के सबसे बिछड़े क्षेत्र धोलेरा में दुबई और सिंगापुर की तर्ज पर विश्व के सबसे बड़े 'ग्रीन फील्ड स्मार्ट सिटी' के निर्माण नींव रखी। जलसंकट से बुरी तरह प्रभावित इस क्षेत्र में इतनी बड़ी वैश्विक परियोजना के बारे में सोचना थोड़ा सा अकल्पनीय जैसा विषय है। जहां पीने के लिए जल उपलब्ध नहीं है वहां स्मार्ट सिटी निर्माण करना इसे अकल्पनीय ही कहा जा सकता है।

लेकिन वास्तविकता यह है कि यह भगीरथी प्रयास अपनी पूर्णता की ओर सतत अग्रसर है। इसी प्रयास में आज धोलेरा सर में 25 वर्ग किलोमीटर का प्रथम फेज का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। स्मार्ट सिटी के इस उद्यम में दुबई और चीन के शंघाई शहर की तरह एक 'आर्टिफिशियल रिवर' का निर्माण भी किया गया है। यह कृत्रिम नदी लगभग 10 किलोमीटर से अधिक लंबी, 100 मीटर से अधिक चौड़ी है और लगभग 15 फीट गहरी है। इस नदी के ऊपर अभी तक 6 पुल निर्मित किये जा चुके हैं और नदी के आसपास की भूमि पर लगभग 5 किलोमीटर लंबा एक 'वर्टिकल मरीन गार्डन' भी तैयार हो चुका है। इस कृत्रिम नदी में वर्षा का जल संग्रहित होगा जिसका उपयोग शहर के दैनिक जल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वर्षभर किया जाएगा। यह भगीरथी उद्यम यही नहीं रुकता है बल्कि अगले 50 वर्षों तक जिसको कभी खोदना न पड़े ऐसा 3 करोड़ 84 किलोमीटर क्षेत्रफल का अत्याधुनिक 'प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर' भी बनकर तैयार है। इस अत्याधुनिक रोड नेटवर्क के नीचे अत्याधुनिक पद्धति से बिजली व्यवस्था, इंटरनेट, जल, ड्रेनेज, गैस लाइन, आईसीटी डक्ट के साथ में स्ट्रोम लाइन की भी एक बड़ी टनल बनी हुई है। वर्षा का जल इस टनल के माध्यम से 'आर्टिफिशियल रिवर' में संग्रहित होगा। इस संग्रहित जल को 'वाटर ट्रीटमेंट प्लांट' में ट्रीट करके लोगों की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पहुंचाया जाएगा। वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो सिंगापुर की जल शोधन व्यवस्था उत्तम मानी जाती है उनके जल शोधन सयंत्र में केवल से 7 प्रतिशत जल ही व्यर्थ जाता है जबकि धोलेरा सर में निर्मित होने वाला 'वॉटर ट्रीटमेंट सिस्टम' में सिंगापुर को पीछे छोड़कर केवल जल का 5 प्रतिशत भाग ही व्यर्थ होगा।    
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशिष्टता कुछ नया और बड़ा करने की है, इसलिए वर्तमान समय में उनकी लोकप्रियता इसका प्रमाण है। नरेंद्र मोदी की विशिष्ट उपलब्धियों के कुछ उदाहरण यदि दिए जाए तो सूची बहुत लम्बी होगी लेकिन प्रतीक स्वरुप सबसे ऊंची प्रतिमा, सबसे लंबी टनल, सबसे लंबा एक्सप्रेस हाईवे, सबसे तेज गति से आगे बढऩे वाली विश्व की बड़ी इकोनॉमी, सबसे ज्यादा डिजिटल पेमेंट की ट्रांजैक्शन व्यवस्था, सबसे तेज गति से निर्मित हो रहा रेलवे का नेटवर्क या फिर विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेट का स्टेडियम आदि उद्यम लिखे जा सकते हैं।
इसी कड़ी में मोदी जी का भगीरथी प्रयास यानी धोलेरा सर स्मार्टसिटी और उसमें मानव निर्मित कृत्रिम नदी दुनिया को आकर्षित करने वाला एक प्रभावशाली उद्यम है। आज दुनिया भर के देश अनेक समस्याओं से गुजर रहे हैं, कई देश तो दिवालिया होने की कगार पर हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहले गुजरात और अब भारत 'लोका: समस्ता: सुखिनो भवन्तु' और 'कृण्वन्तो विश्वं आर्यम' का संदेश हर दिशा में प्रसारित कर रहा है। आज भारत हर प्रकार से वैश्विक मंच के केंद्र बिंदु में है।

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