दो बार कोरोना संक्रमित होने के बावजूद लोगों की सेवा करने के लिए आतुर है यह डॉक्टर

(Photo Credit : khabarchhe.com)

सकारात्मक अभिगम से जल्द पाई जा सकती है कोरोना पर विजय - डॉक्टर नेहा

देशभर में कोरोना की कठिन महामारी के बीच भी सभी फ्रंटलाइन कोरोना वोरियर्स मरीजों की सेवा करने में लगे हैं। सूरत में आई सिविल के भी सभी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ अपनी जान की बाजी लगाकर मरीजों की सेवा करने से पीछे नहीं हट रहे। आज हम एक ऐसे ही डॉक्टर की बात करने जा रहे हैं जो दो-दो बार कोरोना संक्रमित होने के बावजूद फिर से मरीजों की सेवा के लिए जुड़ गए हैं।
मूल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाली डॉ नेहा परिवार से दूर रहकर सूरत सिविल में अपना फर्ज अदा कर रही है। नेहा ने बताया कि पिछली 5 तारीख को उनके शरीर में कुछ कमजोरी के साथ बुखार और सिरदर्द की शिकायत शुरू हुई। जिसके चलते उन्होंने अपना कोरोना रिपोर्ट करवाया जो कि पॉजिटिव आया। रिपोर्ट करवाने के बाद सिविल में भर्ती होकर उन्होंने अपना इलाज शुरू करवाया। जहां उनका ऑक्सीजन लेवल नॉर्मल आया और 4 दिन में ही वह कोरोना से रिकवर होकर उन्होंने होम आइसोलेशन में रहकर अपना बाकी का इलाज पूरा किया। इस तरह मात्र 10 दिन के इलाज के बाद वह पूरी तरह से स्वस्थ हो गई और उनका रिपोर्ट नेगेटिव आ गया। जिसके बाद वह फिर से काम करने लगी, नेहा कहती है की इसके पहले वह जुलाई 2020 में भी कोरोना संक्रमित हुई थी। 
परिवार से दूर रहने के बाद भी सिविल के स्टाफ और मरीजों को ही नेहा अपना परिवार मानती हैं। सभी इलाज करवा रहे मरीजों के स्वस्थ होने का संकल्प लेने के बाद जब तक सूरत कोरोना मुक्त ना हो तब तक वह अपनी ड्यूटी को ही सबसे अधिक प्राधान्यता देंगी, ऐसा नेहा का कहना है। डॉक्टर नेहा कहते हैं कि पॉजिटिव आने के बाद भी यदि सकारात्मक अभिगम रखा जाए तो व्यक्ति जल्दी स्वस्थ हो सकता है।

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