देशप्रेम: लंदन में रहते गुजराती युवक ने की अपने गाँव वालों की मदद, एक लाख की दवाइयाँ और इंजेक्शन भेजे

(Photo Credit: Sandesh.com)

मदर्स डे पर मातृभूमि को मिला खास तोहफा, अपने देश से दूर होकर भी देश की सेवा कर रहे हैं कुछ लोग


देश में फैले कोरोना संकट के बीच ऐसे कई लोग हैं जो वैसे तो देश के बाहर किसी पराये देश में रह रहे हैं पर उनके दिल में अपने देश का प्रेम अभी भी बना हुआ हैं, इन लोगों के दिल में आज भी देश जिंदा हैं। ऐसे में एक ऐसे ही विदेश में बसने के बावजूद अपनी मातृभूमि को नहीं भूले अनाविल समुदाय के युवा ने मातृ दिवस पर अपने गृहनगर गाँव में एक लाख रुपये की दवाई भेजी है। बारडोली के सर्भोन गाँव के मूल निवासी और लंदन में बसे नैनेश राजेन्द्रभाई देसाई ने जिला पंचायत अध्यक्ष भावेश पटेल को फोन कर इस बात की जानकारी ली थी कि उनके ज़िले को वर्तमान में किन चीजों की आवश्यकता हैं।
जानकारी के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष का नंबर मिलने के बाद, नैनेशभाई ने उन्हें फोन किया।  जिला पंचायत अध्यक्ष ने उन्हें जरुरी इंजेक्शन की जरूरत के बारे में बताया। इसके बाद नैनेश भाई तुरंत इंजेक्श भेजने के लिए तैयार हो गए। इसके लिए, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अहमदाबाद में कंपनी के साथ बात की और कंपनी को ऑनलाइन भुगतान करते हुए मदर्स डे पर बारडोली के मालिबा विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे कोविड केंद्र में जरुरी इंजेक्शन भेजा।
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)इस बारे में जिला पंचायत अध्यक्ष भावेश पटेल ने कहा कि बिना किसी परिचय के नैनेश भाई ने दवा और इंजेक्शन को केंद्र में भेजा, जहां सूरत और तापी जिलों के रोगियों का मुफ्त इलाज मिल रहा है। मालिबा में ऑक्सीजन की आपूर्ति के संचालन में शामिल जिगर नाइक ने कहा कि नैनेशभाई ने भविष्य में भी उनकी मदद करने की बात की है। गौरतलब हैं कि फ़िलहाल बाजार में इंजेक्शन और इंजेक्शन दोनों उपलब्ध नहीं हैं और सरकार के पास भी कोई स्टॉक नहीं है। ऐसे में अपनी मातृभूमि से दूर होते हुए भी देश की सेवा करते हुए नैनेशभाई ने एक महान उदाहरण प्रदान किया है।

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