कोरोना वैक्सीन का उत्पादन अब गुजरात में, कम होगी टीके की किल्लत

सूरत शहर के लिए कोरना वैक्सीन की कम आपूर्ति से टीकाकरण अभियान में सूस्ती

इंडिया बायोटेक अब 2-18 साल के आयु वर्ग के लिए वैक्सीन का परीक्षण करेगा

कोरोना महामारी से बचने के लिए शुरू किए गए वैक्सीनेशन की गति वैक्सीन की कमी के कारण थम सी गई हैं। ऐसे में गुजरात से एक अच्छी खबर आई हैं। दरअसल वैक्सीन कंपनी भारत बायोटेक ने गुजरात के अंकलेश्वर में कोवासिन के लिए अतिरिक्त उत्पादन क्षमता में तत्काल वृद्धि की घोषणा की है। भारत बायोटेक की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कंपनी अपने पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी गुजरात के प्लांट चिरोन बेहरिंग वैक्सीन से एक साल में कोवासिन की 20 करोड़ डोज बनाने जा रही है और इसके लिए बहुत तेजी से काम कर रही है। भारत बायोटेक ने कहा कि वैक्सीन निर्माण के क्षेत्र में क्रांति आ रही है और इसके लिए अतिरिक्त लैब भी स्थापित की जा रही हैं।
भारत बायोटेक ने कहा कि उसकी देश में वैक्सीन की कमी को पूरा करने के लिए गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) नियमों के तहत हर साल कोवासिन की 20 करोड़ खुराक बनाने की योजना है। इस योजना के तहत अंकलेश्वर में कोवासिन का उत्पादन 2021 की चौथी तिमाही से शुरू हो जाएगा। आपको बता दें कि नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा कि इंडिया बायोटेक अब 2-18 साल के आयु वर्ग के लिए वैक्सीन का परीक्षण करेगा। कंपनी को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से दो-चरण और तीन-चरण परीक्षण के लिए मंजूरी मिल गई है। डॉ वीके पॉल ने कहा कि अगले 10-12 दिनों में उनका क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविद -19 विषय वस्तु विशेषज्ञ समिति ने भारत बायोटेक द्वारा 11 मई को किए गए आवेदन पर चर्चा की, अन्य लोगों के बीच परीक्षण के दूसरे और तीसरे चरण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था जिसे मूल्यांकन के बाद अब ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) की भी मंजूरी मिल गई है, जिससे ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है।

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