कनाडा : एक विशेष मकसद के साथ वर्ल्ड-टूर पर निकला ये परिवार, जानिए क्या है इसका कारण

अपने बच्चों को विशेष बीमारी के तहत सम्पूर्ण दृष्टिहीन होने से पहले दुनिया दिखानी चाहते हैं माँ-बाप

किसी भी इंसान की जिंदगी अच्छे और बुरे दिन दोनों ही आते हैं। इन दिनों में हम बहुत कुछ सिखाते हैं। ये सीख कई तरह की हो सकती है। कभी हम जिंदगी में तमाम दिक्कतों के बाद भी आगे चलना सीखते हैं तो कभी मुश्किल से मुश्किल परिस्थतियों में भी बिना घबराए जिंदगी के हर पल को एंजॉय करना सीखते हैं। ऐसी ही कुछ कर रहा है कनाडा में रहने वाला ये एक कपल! चार बच्चों और माता-पिता के साथ छह का एक परिवार ने 'विश्व-भ्रमण' पर शुरू हुआ है। दरअसल यह कपल पिछले कुछ साल से बच्चों को लेकर काफी परेशान है। दरअसल इन परिवार के बच्चे एक ऐसी बीमारी से जूझ रहे हैं जिसके कारण उनकी आँखों की रौशनी कभी भी जा सकती है।

4 में से 3 बच्चों को है विशेष बीमारी


रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा में रहने वाले सेबेस्टीन पैलेटियर और इदिथ लेमे के चार बच्चे हैं।  इन चारों के साथ यह कपल लगातार दूसरे देशों में घूमने जाता है और वहां खूब एंजॉय करता है। इस जोड़े का उद्देश्य अपने 4 में से 3 बच्चों को उनके दृष्टिहीन होने से पहले दुनिया दिखाना है। इनके बच्चों के आंखों की किकी एक बीमारी के कारण पिगमेंट से ढँक जाएगी और ये बच्चें देखने में असक्षम हो जायेंगे। हालांकि उनके 9 साल के बेटे लियो को यह बीमारी नहीं है। डॉक्टरों ने इस बीमारी का नाम रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा बताया था। इसमें उम्र बढ़ने के साथ दिखना बंद होने लगता है। ऐसे में कपल ने सोचा कि इससे पहले कि बच्चों की आंखों की रोशनी चली जाए वो इन्हें पूरी दुनिया दिखा देना चाहते हैं, इस मकसद के साथ कनाडा का यह पूरा परिवार वर्ल्ड टूर पर निकल चुका है। ताकि इनकी यादें इनकी आंखों में हमेशा बनी रहे। 

इस बीमारी का कोई इलाज नहीं


सबसे दुखद बात यह है कि इस स्तर पर इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। लेकिन उनमें से सबसे बड़ी मिया जानती है कि जब वह 30 साल की होगी, तब तक वह पूरी तरह से अंधी हो जाएगी। इसलिए उनकी मां एडिथ लेमे और पिता सेबेस्टियन पेल्वेटियर ने यह फैसला लिया। एडी ने संवाददाताओं से कहा "मैंने सोचा, मैं उन्हें केवल किताब में 'हाथी' नहीं दिखाना चाहता था। मैं उन्हें असली हाथी दिखाना चाहता हूं और मैं चाहता हूं कि वे उन चीजों को रखें जो उन्होंने अपनी याद में देखी हैं। मैं चाहता हूं कि वे दुनिया की सबसे खूबसूरत चीजों की तस्वीरें याद रखें।"

एक-एक कर चारों बच्चे आ गए इस बीमारी की चपेट में 


सबसे पहले यह बीमारी उनके घर में तीन साल की बेटी मिया को हुई। वह इसका इलाज करा रही रहे थे कि 7 साल के कोलिन और 5 साल के लॉरेन में को भी इसी तरह की दिक्कत होने लगी। डॉक्टरों ने इन दोनों में भी उसी बीमारी की पुष्टि की जिसके बारे में मिया को बताया था। अब इस बीमारी की चपेट में इनका चौथा बेटा भी आ गया है।

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