कारोबारी ध्यान दें, आधार कार्ड और जीएसटी रजिस्ट्रेशन में एक ही मोबाईल नंबर दर्ज होना चाहिए

(Photo : IANS)

बोगस बिलिंग और टैक्स चोरी रोकने के लिए जीएसटी डिपार्टमेंट ने कड़े किए नियम

आधार कार्ड के लिए दिया गया मोबाइल नंबर यदि जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए नंबर से अलग रहा तब करदाता के लिए मुसीबत हो सकती है। साथ ही रजिस्ट्रेशन नंबर पाने में भी दिक्कत आ सकती है। फिलहाल जीएसटी डिपार्टमेंट में ऐसे करदाताओं से नोटिस देकर जवाब पूछना शुरू किया है। व्यापारियों के पास दो अलग-अलग नंबर होना स्वाभाविक है। ऐेसे में डिपार्टमेंट द्वारा इस तरह की नोटिस दी जा रही है जिससे कि व्यापारी परेशान हो गए हैं। 
बोगस बिलिंग रोकने के लिए जीएसटी डिपार्टमेंट में जीएसटी रजिस्ट्रेशन संबंधित नियम कड़े कर दिए हैं। दूसरी ओर अधिकारी भी सख्ती से पेश आ रहे हैं इसलिए व्यापारी परेशान हो गए हैं। हाल में ही एक मामला सामने आया है जिसमें की यह भेजा गया है कि व्यापारी ने रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए जो मोबाइल नंबर दिया है वह आधार कार्ड के नंबर से अलग है। इसलिए पहले इस बारे में स्पष्टता की जाए इसके बाद नंबर दिया जाएगा। वर्तमान समय में सभी व्यापारियों के पास दो नंबर हैं। यह एकदम स्वाभाविक सी बात है।
ऐसे में कई बार व्यापारी जीएसटी रजिस्ट्रेशन लेने के लिए दूसरा नंबर भी दे देते हैं। लेकिन डिपार्टमेंट यह सामान्य बातों में भी नोटिस दे रहा है। जिससे कि व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे में सीएम मिहीर मोदी ने मीडिया को बताया कि आधार कार्ड का मोबाइल नंबर अलग हो और जीएसटी रजिस्ट्रेशन का नंबर अलग हो तो डिपार्टमेंट नोटिस दे रहा है। जिसके चलते व्यापारी को रजिस्ट्रेशन लेने में भी दिक्कत होती है। छोटी-छोटी बातों में नोटिस भेजना उचित नहीं है इसके कारण व्यापार में अवरोध खड़ा होता है।

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