आम आदमी को बड़ी राहत, सस्ते हुए खाद्य तेल, निकट भविष्य में कीमतों में आ सकती हैं और गिरावट

इंडोनेशिया ने भी पाम तेल निर्यात पर प्रतिबंध हटाया, घरेलू बाजार में सोयाबीन, सरसों, पामोलिन और मूंगफली समेत खाद्य तेलों की कीमतों में 7 रुपये से 10 रूपये की गिरावट देखी गई

पिछले कई महीनों में कीमतों में भारी उछाल के बाद अब देश के घरेलू बाजार में सरसों, मूंगफली और सोयाबीन और पामोलिन समेत सभी तरह के खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट आई है। घरेलू बाजार में सोयाबीन, सरसों, पामोलिन और मूंगफली समेत खाद्य तेलों की कीमतों में 7 रुपये से 10 रूपये की गिरावट देखी गई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसमें और भी कमी आएगी। जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। 
आपको बता दें कि निकट भविष्य में खाद्य तेल के सस्ते होने का अंदाजा इसलिए है क्योंकि इंडोनेशिया ने भी पाम तेल निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिया है। पाम तेल के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने के इंडोनेशिया के फैसले के बाद, भारत में खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है। बाजार में पिछले एक हफ्ते में तेल और तिलहन की कीमतों में गिरावट देखी गई है. सोयाबीन तेलरहित खली (डीओसी) की मांग बढ़ने से सोयाबीन तिलहन की कीमतों में सुधार हुआ, जबकि सोयाबीन तेल की कीमतें सामान्य गिरावट के अनुरूप कम बंद हुई। 
बता दें कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान मूंगफली तेल और तिलहन की कीमतें भी पिछले सप्ताह के बंद भाव की तुलना में कम बंद हुई। गुजरात में मूंगफली के बीज 125, मूंगफली का तेल 200 की गिरावट के साथ क्रमश: 6,710-6,845 और 15,650 प्रति क्विंटल रह गया। मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड की कीमत भी 25 से गिरकर 2,625-2,815 प्रति टिन हो गई। वहीं समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन तेल की कीमतों में गिरावट के साथ बंद हुआ। दिल्ली में सोयाबीन का थोक भाव 400 रुपये गिरकर 16,650 रुपये प्रति क्विंटल, इंदौर में सोयाबीन 500 रुपये की गिरावट के साथ 16,000 रुपये और सोयाबीन का डीगम 300 रुपये की गिरावट के साथ 15,250 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया।
सरसों की कीमत पर नजर डालें तो सूत्रों ने बताया कि सरसों का भाव पिछले सप्ताह 100 की गिरावट के साथ 7,515-7,565 प्रति क्विंटल पर बंद हुआ था। समीक्षाधीन सप्ताहांत में सरसों तेल 250 गिरकर 15,050 प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। वहीं सरसों पाकी गनी और कच्छी गनी भी 40 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 2,365-2,445 रुपये और 2,405-2,515 रुपये प्रति टिन रह गए।
गौरतलब है कि इंडोनेशिया से पाम तेल आने से भारत में खाद्य तेल सस्ता हो जाएगा। तय है कि खाद्य तेल की कीमतों में कमी आएगी। साथ ही लोहा, सीमेंट और स्टील की कीमतों में भी कमी आएगी। सरकार ने लोहा, सीमेंट और स्टील पर सीमा शुल्क में भी बदलाव की घोषणा की है, जिससे निकट भविष्य में कीमतों में कमी आएगी। हाल ही में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। पेट्रोल की कीमत में 9.50 रुपये और डीजल में 7 रुपये की कमी की गई है, जो मुद्रास्फीति का संकेत है क्योंकि पेट्रोल और डीजल से संबंधित सभी सेवाओं और सामानों की कीमतों में कमी आएगी।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें